हौज़ा / हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में हसद के हानिकारक प्रभावों की ओर इशारा किया है।
हौज़ा / इमाम जवाद (अ) ने एक रिवायत में दूसरों के गुनाहों को अच्छा समझने की बुराई की ओर इशारा किया है।
हौज़ा / जिन्न भी इंसानों की तरह अधिकार और ज़िम्मेदारी वाले प्राणी हैं, जिन्हें आख़िरत में उनके ईमान या कुफ़्र के अनुसार पुरस्कार या सज़ा मिलेगी।
हौज़ा/ हज़रत दाऊद (अ) ने पैगम्बर हिज़क़ील से बातचीत में दुनिया की नश्वरता का एक कड़वा सबक सीखा और घमंड व भौतिक आसक्ति से बचने की सलाह दी।