बुधवार 2 अप्रैल 2025 - 10:02
इस्लामी गणराज्य; शहीदों के खून की विरासत है

हौज़ा/ 12 फ़रवरी (Iranian Islamic Republic Day) मज़लूमों की ज़ालिमों पर हुकूमत के बाकायदा ऐलान और इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद अल्लाही वादे के पूरा होने का दिन है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार,हौज़ा इल्मिया क़ुम के उच्च स्तरीय और दोरूस-ए-ख़ारिज के उस्तादों की संगठन द्वारा 12 फ़रवरी यौमे जम्हूरी इस्लामी के मौके पर जारी बयान मे कहां,

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

12 फ़रवरी मज़लूमों की ज़ालिमों पर हुकूमत के बाकायदा क़याम और इंक़ेलाब-ए-इस्लामी की कामयाबी के बाद अल्लाही वादे के पूरे होने का दिन है। जैसा कि इमाम ख़ुमैनी रह ने फरमाया: 12 फ़रवरी हमारे अहम तरीन मज़हबी और क़ौमी त्योहारों में से है।

इस दिन पूरे मुल्क की अवाम जोश व ख़रोश और मोहब्बत व अकीदत के साथ मतदान केंद्रों पर पहुँची और अपना समर्थन वोट देकर तानाशाही हुकूमत को हमेशा के लिए इतिहास के कूड़ेदान में दफ़्न कर दिया।

इस तारीखी दिन हुए जनमत संग्रह ने, जिसमें न एक लफ्ज़ कम था न ज़्यादा, दुनियाभर के उन देशों को हैरान कर दिया जो खुद को लोकतंत्र के दावेदार कहते हैं। और अल्हम्दुलिल्लाह, आज 46 साल बीत जाने के बावजूद दुनिया के ज़ालिम ताक़तें इस निज़ाम को गिराने की हसरत लिए बैठी हैं।

यह सब इस समझदार और दूरदर्शी क़ौम की बदौलत है, जो अपनी जान व माल की क़ुर्बानी देकर शहीदों की इस अमर विरासत की हिफ़ाज़त कर रही है और ज़मीन पर अल्लाही मदद के वजूद में आने का रास्ता हमवार कर रही है।

हम इस अज़ीम नेमत पर अल्लाह तआला का शुक्र अदा करते हैं और रहबर-ए-मुअज़्ज़म इंक़ेलाब इस्लामी, हज़रत आयतुल्लाहुल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई के फरामीन पर लब्बैक कहते हुए, इमाम-ए-ज़माना के ज़ुहूर की दुआ करते हैं।

हौज़ा इल्मिया क़ुम के उच्च स्तरीय और दोरूस-ए-ख़ारिज के उस्तादों की संगठन

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha