बुधवार 7 जनवरी 2026 - 17:08
मीडिया वैश्विक साम्राज्यवाद और ज़ायोनिज़्म का हथियार; सुप्रीम लीडर का मार्ग मानवता का मार्ग हैः आगा सय्यद हसन मूसवी

हौज़ा / जम्मू-कश्मीर अंजुमन-ए-शरई शियान के अध्यक्ष हुज्जतुल-इस्लाम आगा सैयद हसन मूसा्वी ने वैश्विक मीडिया द्वारा रहबर-ए-इंक़लाब आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनई के ख़िलाफ़ फैलायी जा रही अफ़वाहों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि एक सियोनी लेखक की झूठी और मनगढ़ंत बातों को आधार बनाकर मीडिया ने सुनियोजित तरीक़े से उनके ख़िलाफ़ बदनाम करने की मुहिम चलाई है, जो बौद्धिक हिंसा का रूप है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , जम्मू-कश्मीर अंजुमन-ए-शरई शियान के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम आगा सैयद हसन मूसवी ने वैश्विक मीडिया द्वारा रहबर-ए-इंक़ेलाब आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई के ख़िलाफ़ फैलायी जा रही अफ़वाहों की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने कहा कि एक सियोनी लेखक की झूठी और मनगढ़ंत बातों को आधार बनाकर मीडिया ने सुनियोजित तरीक़े से उनके ख़िलाफ़ बदनाम करने की मुहिम चलाई है, जो बौद्धिक हिंसा का रूप है।

आगा सैयद हसन मूसवी ने कहा कि अब यह साफ़ हो चुका है कि मीडिया का एक बड़ा हिस्सा निष्पक्ष पत्रकारिता छोड़कर बड़ी ताक़तों और सियोनिज़्म के इशारे पर काम कर रहा है। उनके अनुसार, आयतुल्लाह ख़ामेनई पर हमला दरअसल इस्लामी आत्मसम्मान, प्रतिरोध की सोच और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ खड़े होने की भावना पर हमला है।

उन्होंने ईरान के बारे में फैलाई जा रही ख़बरों पर भी सवाल उठाए और कहा कि पश्चिम समर्थक मीडिया ईरान में बड़े पैमाने पर अशांति दिखा रहा है, जबकि ज़मीनी हक़ीक़त इससे अलग है। आम ज़िंदगी सामान्य रूप से चल रही है और अगर कहीं कोई परेशानी है भी, तो वह सीमित और अस्थायी है।

आगा सैयद हसन मूसवी ने आगे कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में लोग महँगाई, अन्याय और अधिकारों के हनन से परेशान हैं, लेकिन मीडिया इन असली मुद्दों पर चुप रहता है और सच्ची आवाज़ों को दबाया जाता है।

ग़ज़्ज़ा की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने वहाँ हो रही हिंसा की कड़ी निंदा की और कहा कि मासूम बच्चों की मौत और अस्पतालों की तबाही पूरी मानवता के लिए शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया ज़ालिम और मज़लूम के बीच बराबरी दिखाकर सच्चाई को छुपा रहा है।

अंत में उन्होंने कहा कि आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनई का रास्ता इंसाफ़, आज़ादी और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ संघर्ष का रास्ता है। इतिहास गवाह है कि सच्चाई को कुछ समय के लिए दबाया जा सकता है, लेकिन मिटाया नहीं जा सकता, और आख़िरकार सच ही जीतता है।

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