मंगलवार 13 जनवरी 2026 - 22:10
दंगाईयो के चेहरे से नक़ाब हट गया / सरकार महंगाई पर क़ाबू पाने के लिए ज़रूरी उपाय करे

हौज़ा हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा मकारिम शिराज़ी ने कहाः जामेअ मुदर्रेसीन हौज़ा ए इल्मिया पहले दिन से ही इस्लामी प्रणाली का समर्थक के रूप मे गठन पाई और पूरे इतिहास मे कई मैदानो मे सक्रीय भूमिका अदा कर रही है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आयतुल्लाहिल उज़्मा मकारिम शिराज़ी ने जामेअ मुदर्रेसीन हौजा़ ए इल्मिया क़ुम के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्ज के सदस्य के साथ एक मुलाक़ात जामेअ मुदर्रेसीन के स्टेंड पर उनकी सराहना की।

उन्होने कहा देश मे हुए हालिया फ़साद और आतंकवाद की घटनाओ से दुशमन के चेहरे से नक़ाब हट गया है। इजराइली सरकार ने भी इन घटनाओ को हवा देकर स्वंय स्वीकार कर लिया है कि वह इन दंगो मे शामिल है।

فسادیوں کے چہرے سے نقاب ہٹ گیا ہے / حکومت مہنگائی پر قابو پانے کیلئے ضروری اقدامات کرے

आयतुल्लाह मकारिम ने कहा मस्जिदो और पवित्र स्थलो, व्यापारियो, बैको और दूसरे सार्वजनति सम्पत्ति को नुकसान पुहचाने के लिए की जाने वाली कोई भी कार्रवाई इस्लामी निज़ाम से युद्ध करने जैसा है।

उन्होने जनता के आर्थिक समस्याओ को हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने लोगो के आर्थिक समस्याओ के समाधान के लिए कुछ उपाय किए है जोकि सराहनीय है लेकिन जिंदगी की बुनयादी ज़रूरतो से तुरंत सब्सीटीज को समाप्त कर दिया गया जिससे सभी चीज़ो की क़ीमतो पर असर पड़ा और जनता पर अधिक दबाव आया।

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उन्होने महंगाई के अनुपात से कर्मचारीयो और कारकुनान के वेतन मे वृद्धि पर जोर देते हुए कहा कर्मचारीयो के वेतन मे वृद्धि साल मे एक बार होती है लेकिन जिंदगी की बुनयादी ज़रूरी सामान पर साल मे कई बार महंगाई हो जाती है अतः इन वेतनो से खर्चे पूरे नही होते। विशेषरूप से जो लोग किराएदार है उनके लिए स्थिति अधिक कठिन हो जाती है। सरकार को महंगाई पर क़ाबू पाने के लिए गंभीर और व्यवस्थित उपाय करने की ज़रूरत है।

आयतुल्लाह मकारिम शिराजी ने अंत मे ज़िम्मेदारो को याद दहानी कराते हुए अल्लाह तआला से देश की समस्याओ की शीघ्र अति शीघ्र समाधान होने की दुआ की।

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