हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट अनुसार, जामेअ मुदर्रेसीन हौज़ा ए इल्मिया की सुप्रीम काउंसिल और हौज़ा ए इल्मिया की प्रबंधक समीति के इस साझा बयान का पाठ इस प्रकार हैः
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम
कालल बाक़िरो अलैहिस्सलामः मन तवक्कल अलल्लाहे ला युग़लब (बिहार उल अनवार)
इस्लामी गणतंत्र ईरान दुनिया भर मे एक गणतंत्र ताकत होने के नाते विभिन्न क्षेत्रो मे उपस्थित रहा और इस दौरान कई प्रकार के संकटो और कठिनाइयो का डट कर मुक़ाबला किया। इस धार्मिक और इस्लामी प्रणाली ने बीसयो शहीदो के पवित्र खून से अपनी सेवा प्रदान की।
देश की हालिया घटनाओ मे जब अमेरिका और इजराइली सरकार के किराए के टट्टूयो और गुर्गो एवं गुंडो ने दंगो और सशस्त्र कार्रवाईयो के माध्यम से जनता की जान और माल पर हमला किया और इस दौरान पवित्र कुरआन का अपमान किया गया, मस्जिदो, इमाम बारगाहो और इमाम ज़ादो के मज़ारो को आग लगा दी गई और सार्वजनिक सम्पत्ति को नुक़सान पुहचाया गया।
अल्हमदो लिल्लाह अधिकतर शहरो मे लोगो ने समय रहते अपने स्टैंड को इन दंगाई समूह से अलग करते हुए इन किराए के टट्टूओ के मुहं पर थप्पड जड़ दिया और दुनिया को एक चतुर और चौकन्ना राष्ट्र होने का सबूत दिया।
जामेअ मुदर्रेसीन, सुप्रीम काउंसिल और हौज़ा ए इल्मिया की प्रबंधक समीति अपने महान नेता और इमाम खुमैनी (र) के सिद्धांतो से वफ़ादारी की नई वाचा करते हुए और ईरानी धार्मिक और राष्ट्रीय पहचान पर जोर देते हुए आप सभी सम्मानित और गौरवित देशवासीयो को कल 12 जनवरी 2026 के भव्य विरोध प्रदर्शन मे भाग लेने की दावत देते है।
हम इन घटनाओ मे घायल होने वाले लोगो के शीघ्र स्वास्थ होने की अल्लाह तआला से दुआ करते है और सभी शहीदो विशेषकर अमन और सलामती के रक्षक शहीदो को श्रृद्धांजली अर्पित करते है।
हम ईरानी समझदार और सम्मानित जनता का भी धन्यवाद करते है जिन्होने अपनी समझदारी और एकता के साथ हमेशा प्रयास किया और मैदान मे उपस्थित रह कर कई बलिदान दिए है। इसी प्रकार हम ईरानी न्यायालय और सुरक्षा कार्यालयो से तक़ाज़ा करते है कि वह इन शैतान सिफ़त और बग़ावत करने वालो को सख्त से सख्त सज़ा दें।
जामेअ मुदर्रेसीन हौज़ा ए इल्मिया क़ुम
हौज़ा ए इल्मिया की सुप्रीम काउंसिल
हौज़ा ए इल्मिया की प्रबंधक समीति
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