हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद जलाल रिज़वी मेहर ने पहले राष्ट्रीय हौज़वी सम्मेलन “ज़िंदगी के साथ किताब” में, जो कि शनिवार शाम को क़ुम में “पज़ूहिशगाह मुतालात-ए-तकरीबी” के सम्मेलन हॉल में आयोजित हुआ
उन्होने कहा,एक प्रभावशाली मोहब्बत जो सभी तौहिद के चाहने वालों के दिलों पर असर डालती है, वह है सहिफ़ा-सज्जादिया की दुआएँ है।
उन्होंने आगे कहा कि इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम ने जो अवसर पाया, उन्होंने लोगों को दुआ, ख़ुदा से ताल्लुक़ और ख़ुदा के जज़्बात पर ग़ौर करने के लिए बुलाया। ये दुआएँ, जैसे कि बच्चों के लिए दुआ, बारिश के लिए दुआ, मुसलमानों के समाज के लिए दुआ, सीमा सुरक्षा बलों के लिए दुआ, ख़ुदा से दुआ आदि, सभी दुआएँ समाज में सृजनात्मकता और रोहानीत को बढ़ावा देती हैं।
क़ुम के हौज़ा के छात्रों और फज़लाओं के प्रतिनिधियों के अध्यक्ष ने कहा,हमें उम्मीद है कि हमारा समाज उसी तरह से, जैसा कि इमामों ने शुरू से आदेश दिया था, दुआ के ज़रिए अपने ताल्लुक़ को फ़ैयाज़-ए-इलाही से बनाए रखे और समझे कि दुआ तक़दीर बदलने वाली है, न केवल व्यक्तिगत जीवन के लिए बल्कि समाज के लिए भी।
उन्होंने हौज़ा छात्रों के प्रतिनिधि मंडल और सहिफ़ा सज्जादिया फाउंडेशन के सहयोग पर ध्यान देते हुए कहा,हौज़ा छात्रों के प्रतिनिधि मंडल में हम यह भी तैयार हैं कि प्रांतों में फाउंडेशन के लिए कार्यालय स्थापित करें।
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