हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "वसाएल अलशिया" पुस्तक से लिया गया है। इस कथन का पाठ इस प्रकार है:
:قال الامام الرضا علیهالسلام
فَضْلُ الْجَماعَةِ عَلَى الْفَرْدِ بِكُلِّ رَكْعَةٍ أَلْفَا رَكْعَةٍ
हज़रत इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया:
नमाज़ की एक रकअत जमाअत के साथ पढ़ना, अकेले दो हज़ार रकअत नमाज़ पढ़ने के बराबर फ़ज़ीलत रखता है।
वसाएल अलशिया,भाग 8,पेंज 290
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