हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस साल की रैली पिछले सालों की निस्बत ज़्यादा अहम मानी गई, क्योंकि हालिया महीनों में मुल्क में हुए फ़सादात और ज़िद्द-ए-इंक़िलाब अनासिर की जानिब से ईरान भर में बदअमनी फैलाने और इंक़िलाब को कमज़ोर करने की नाकाम कोशिशों के बाद यह अवामी इज्तिमा बहुत मायने रखता था।
रैली में शामिल लोगों ने ईरानी परचम, इंक़ेलाबी नारों और शोहदा की तस्वीरों वाले बैनर उठाकर मरकज़ी सड़कों पर मार्च किया। नौजवानों, बच्चों, ख़वातीन और बुज़ुर्गों की बड़ी तादाद में मौजूदगी ने यह वाज़ेह कर दिया कि समाज के तमाम तबक़ात इस्लामी निज़ाम के साथ मज़बूती से खड़े हैं।
शिरकत करने वालों ने “मर्ग बर अमेरिका”, “मर्ग बर इस्राईल” और “इस्तेक़लाल, आज़ादी, जम्हूरिया-ए-इस्लामी” जैसे नारों के ज़रिये दुश्मन ताक़तों और इंक़िलाब मुख़ालिफ़ अनासिर को साफ़ पैग़ाम दिया कि ईरानी क़ौम किसी भी साज़िश या दबाव के सामने झुकने वाली नहीं है।
यह रैली ऐसे माहौल में हुई जब कुछ बाहरी ताक़तों की हिमायत से ज़िद्द-ए-इंक़िलाब गिरोहों ने मुल्क में फ़साद फैलाने और अवाम को निज़ाम से बदज़न करने की कोशिश की थी। लेकिन ईरानी अवाम ने 22 बहमन की इस शानदार मौजूदगी से इन तमाम साज़िशों को नाकाम बना दिया।
जारी की गई तस्वीरें और वीडियोज़ क़ुम के लोगों की इमाम ख़ुमैनी (रह.) और रहबर-ए-मुअज्ज़म इंक़िलाब-ए-इस्लामी के साथ गहरी अकीदत और वफ़ादारी को साफ़ दिखाती हैं। यह इस बात का सुबूत है कि क़ौम आज भी इंक़िलाब के नज़रियात और मक़ासिद की हिफ़ाज़त के लिए पूरी तरह पुरअज़्म है।
यह अज़ीम और बामक़सद रैली एक बार फिर इस हक़ीक़त को उजागर करती है कि ईरानी अवाम इत्तेहाद, बसीरत और इस्तिक़ामत के साथ दुश्मनों और इंक़िलाब मुख़ालिफ़ अनासिर की हर कोशिश का मुक़ाबला करती रहेगी और इंक़िलाब-ए-इस्लामी की शमअ को हमेशा रौशन रखेगी।
आपकी टिप्पणी