हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,उलेमा ए इस्तिकामत वर्ल्ड यूनियन के प्रमुख शेख़ महिर हमूद ने कहा है कि विश्लेषणों और आम राय के अनुसार, अमेरिका ईरान पर हमला करने की मूर्खता नहीं करेगा, क्योंकि इज़राइल शासन ईरान, यमन, इराक और लेबनान की मिसाइलों को सहन नहीं कर सकता।
अल-नुजबा टीवी चैनल से बातचीत करते हुए शेख महिर हमूद ने कहा कि विश्लेषणों और आम राय के अनुसार, अमेरिका ईरान पर हमला करने की मूर्खता नहीं करेगा, क्योंकि ज़ायोनी शासन ईरान, यमन, इराक और लेबनान की मिसाइलों को सहन नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं अतीत में अमेरिका के सबसे उन्नत ड्रोन विमानों को मार गिराने में सफल रही हैं, जबकि अमेरिकियों ने ईरान के इस कदम और ऐसी क्षमताओं की कल्पना भी नहीं की थी।
शेख महिर हमूद ने ईरान पर थोपे गए युद्ध के दौरान ईरानी राष्ट्र की एकता की सराहना की और कहा कि ज़ायोनी-अमेरिकी आक्रमण को विफल करना इसी एकता का परिणाम था।
उलेमा ए इस्तिकामत वर्ल्ड यूनियन के प्रमुख ने आगे कहा कि इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता (आयतुल्लाह ख़ामेनेई) का बेमिसाल, ईमानदार, ईमान से भरा, शक्तिशाली और उद्घोषणात्मक नेतृत्व ईरान की ताकत का सबसे महत्वपूर्ण कारण है और दुश्मन भी इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं।
उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम खुमैनी (रह) ने जब 1963 से ज़ायोनीवाद, उपनिवेशवाद और अहंकार के खिलाफ संघर्ष शुरू किया, तब से लेकर आज तक ईरान फिलिस्तीन के समर्थन से पीछे नहीं हटा है।
शेख महिर हमूद ने कहा कि निश्चित रूप से यह समर्थन तब तक जारी रहेगा जब तक कि सूदखोर ज़ायोनी शासन का अंत नहीं हो जाता।
उन्होंने जोर देकर कहा कि फिलिस्तीन के मूल्यों की लड़ाई की शुरुआत से लेकर आज तक ईरान जैसा समर्थक देखने को नहीं मिला है।
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