हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हसन मसलह ने ख़िताब करते हुए कहा, नमाज़ दीन का सुतून और अल्लाह की बारगाह में बंदगी का जलवा है। बचपन और नौजवानी ही से इस इलाही आदत को ज़िंदगी में रासिख किया जाना चाहिए, ताकि ख़ुदा की बंदगी और ज़िंदगी में कामयाबी के लिए मज़बूत बुनियाद फ़राहम हो सके।
उन्होंने हिजाब और अफ़ाफ़ के मसअले की अहमियत पर ज़ोर देते हुए, जिसे रूहानी ख़ूबसूरती की अलामतों में से एक बताया है।
उन्होने कहां, हिजाब हमारी बेटियों के लिए सिर्फ़ असालत की निशानी नहीं, बल्कि इंसानी करामत की हिफाज़त और समाज के अख़लाक़ी बुनियादों को मज़बूत करने का ज़रिया है।
हुज्जतुल इस्लाम मसलह ने बयान किया,हिजाब की पाबंदी, नमाज़ के ज़रिये ख़ुदा से क़ल्बी ताल्लुक़ के साथ मिलकर, एक कामयाब और शरीफ़ाना ज़िंदगी की बुनियाद रखती है।
आख़िर में उन्होंने गर्ल्स स्कूल “इफ़्फ़त” की मुअल्लिमात और ज़िम्मेदारान का मुल्क के मुस्तक़बिल साज़ नस्ल की तरबियत और तलबा में दीन व अख़लाक़ी क़द्रों को रासिख करने की कोशिशों पर शुक्रिया अदा किया।
आपकी टिप्पणी