नमाज़ (32)
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दुनियाअमेरिकी यूनिवर्सिटी में मुस्लिम छात्रों के नमाज़ पढ़ने पर रोक
अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी ने लेबनान में स्थित अपने कैंपस में मुस्लिम छात्रों के नमाज़ पढ़ने पर रोक लगा दी है।
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धार्मिकशरई अहकाम | ऐसे स्थान पर कई वर्षों तक रहने का इरादा, जो वतन न हो
हज़रत आयतुल्लाह मकारिम शिराज़ी ने “ऐसे स्थान पर कई वर्षों तक रहने का इरादा, जो वतन न हो” के संबंध में पूछे गए एक सवाल का जवाब दिया है।
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उलेमा और मराजा ए इकरामघर में नमाज़ के लिए मख़सूस जगह के रूहानी असरात; आयतुल्लाह जवादी आमोली की अहम नसीहत
आयतुल्लाह अल-उज़्मा जवादी आमोली ने घर में नमाज़, दुआ और मुनाजात के लिए एक मख़सूस जगह मुक़र्रर करने की अहमियत बयान करते हुए कहा है कि मुसल्ला महज़ नमाज़ की जगह नहीं बल्कि इसके इंसान पर रूहानी…
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उलेमा और मराजा ए इकरामरहबर-ए-शहीद की तश्यीअ जनाज़ा, आलमी इस्तिकबार के ख़िलाफ़ अवाम का दो टूक पैग़ाम था: आयतुल्लाह सईदी
क़ुम में जुमा ख़ुत्बा के ख़तीब आयतुल्लाह सैयद मुहम्मद सईदी ने कहा कि शहीद रहबर-ए-इंक़िलाब का लाखों लोगों पर मुश्तमिल तश्यीअ जनाज़ा महज़ मातम और ग़म का इज़हार नहीं बल्कि उम्मत व इमामत के अटूट…
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धार्मिकशरई अहकाम | समय से पहले नमाज़ पढ़ना
हज़रत आयतुल्लाह शहीद सय्यद अली ख़ामेनेई ने “समय से पहले नमाज़ पढ़ने” के बारे में पूछे गए एक इस्तिफ़्ता का जवाब दिया है।
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ईरानमहिलाओं के शरई मसलों का समाधान, अरबईन के प्रचार-प्रसार की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है
हौज़ा/ इराक़ भेजी गई ख़ुरासान हौज़ा इल्मिया की प्रचारिका मरियम पनाही ने अरबईन के मौक़े पर महिला प्रचारिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा कि ज़ायरीन, विशेषकर महिलाओं, के अधिकांश प्रश्न…
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दिन की हदीस
धार्मिकख़ुदा के नज़दीक सबसे पसंदीदा अमल
अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत में नमाज़ की फ़ज़ीलत और उसे वक़्त पर अदा करने की अहमियत की ओर इशारा फ़रमाया है।
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उलेमा और मराजा ए इकरामअगर नमाज़ तुम्हारे लिए कठिन है, तो इसका मतलब है कि तुम्हे अल्लाह से लगाव नहीं है
नमाज़ में कठिनाई और ऊब का कारण यह है कि इंसान को अल्लाह से लगाव नहीं है। जैसे किसी अजनबी व्यक्ति से बात करना थका देने वाला होता है, वैसे ही जिन लोगों को लगाव नहीं होता, उनके लिए इबादत भी कठिन…
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धार्मिकशरई अहकाम | वक़्त से पहले नमाज़ पढ़ना
शहीद आयतुल्लाह सय्यद अली ख़ामेनेई ने “वक्त से पहले नमाज़ पढ़ने” से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दिया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकनमाज़; अल्लाह के नज़दीक सबसे महबूब अमल
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) एक रिवायत में अल्लाह की बारगाह में नमाज़ के विशेष स्थान की ओर संकेत करते हैं।
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धार्मिकशरई अहकाम | आइम्मा ए मासूमीन (अ) के शोक के दिनों में काले कपड़ों के साथ नमाज़ पढ़ना
शहीद आयतुल्लाह सय्यद अली ख़ामेनेई ने "आइम्मा ए मासूमीन (अ) के शोक के दिनों में काले कपड़ों के साथ नमाज़ पढ़ने" से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दिया है।
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दुनियाहिजाब खुद की हिफाज़त और समाज के अख़्लाक़ी बुनियादों को मज़बूत करने का ज़रिया है।हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हसन मुस्लेह
हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हसन मसलह ने कहा,हिजाब हमारी बेटियों के लिए सिर्फ़ असालत की निशानी नहीं, बल्कि इंसानी करामत की हिफाज़त और समाज में अख़्लाक़ी बुनियादों को मज़बूत करने का अहम…
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धार्मिकशरई अहकाम। रसूल अल्लाह (स) के नाम का ज़िक्र होने पर सलवात पढ़ने का हुक्म
हौज़ा / इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर ने रसूल अल्लाह (स) के नाम का उल्लेख होने की स्थिति मे सलवात पढ़ना वाजिब है या मुस्तहब है के संबंध मे पूछे गए सवाल का जवाब दिया है।
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उलेमा और मराजा ए इकरामहर मुस्लमान पर ज़रूरी है कि कुछ दुआओ को जीवन मे कम से कम एक बार पढ़े
हौज़ा / मरहूम आयतुल्लाह मुहम्मद हादी तल्लाही का कहना था कि हर मुस्लमान को अपने जीवन मे कम से कम एक बार मासूरा दुआओ या आमाल को ज़रूर अदा करना चाहिए।
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बच्चे और महिलाएंक्या अल्लाह को हमारी नमाज़ की ज़रूरत है?
हौज़ा/ नमाज़ पढ़ना अल्लाह की कोई ज़रूरत नहीं है, बल्कि हमारे लिए अपने दिल और रूह को साफ़ करने और ज़िंदगी के सही रास्ते पर आगे बढ़ने का एक मौका है।
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उलेमा और मराजा ए इकरामउस्ताद की आताअत का बेमिसाल नमूना, अल्लामा तबातबाईؒ ने इमामत-ए-जमाअत क्यों स्वीकार नहीं की?
हौज़ा / क़ुरआन के महान मफ़स्सिर अल्लामा सैयद मुहम्मद हुसैन तबातबाईؒ की व्यावहारिक ज़िंदगी विनम्रता, उस्ताद की आज्ञा-पालन और उच्च नैतिकता की उज्ज्वल मिसाल थी। वे अपने उस्ताद आयतुल्लाह सैयद अली…
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धार्मिकनमाज़ क्यों पढ़े?
हौज़ा/ नमाज़, दिल के सबसे निचले लेवल पर भी, इंसान को कई गंदगी और बुरे कामों से बचाती है और नमाज़ पढ़ने वाले इंसान के व्यवहार को नैतिक लापरवाही से अलग करती है। नमाज़ में अल्लाह को रोज़ाना याद…
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धार्मिकबच्चों को नमाज़ के लिए जगाने की चुनौती का समाधान
हौज़ा / सेंटर फ़ॉर स्पेशलाइज़्ड प्रेयर्स के एक एक्सपर्ट ने बच्चों को नमाज़ के लिए जगाने की समस्या का प्रैक्टिकल समाधान बताया, जिसमें उन्होंने “सही नींद मैनेजमेंट” और “सही व्यवहार” के दो बुनियादी…
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धार्मिकशरई अहकाम | क्या पुरुषों की नमाज़ सोने के दांत (गोल्ड कैप) के साथ सही है?
हौज़ा/ आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली हुसैनी सिस्तानी ने पुरुषों के सोने की परत चढ़े दांतों के साथ नमाज़ पढ़ने के हुक्म के बारे में एक सवाल का जवाब दिया है।
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धार्मिकमोहब्बत की निगाह से माता-पिता की ओर देखने का महत्व
हौज़ा / इमाम सादिक़ (अलैहिस्सलाम) ने एक रिवायत में माता-पिता की ओर मोहब्बत की निगाह से देखने के महत्व को बयान किया है।
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ईरानआयतुल्लाह बहजत रह.का आज़माया हुआ नुस्खा;नमाज़ अव्वाले वक्त ही हुज़ूर-ए-क्लब का ज़रिया है
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा मोहम्मद तक़ी बहजत (रह.) ने फरमाया कि नमाज़ में दिल की मौजूदगी और खुशू का सबसे असरदार तरीका नमाज़ को अव्वाले वक्त पर अदा करना है क्योंकि वक्त की पाबंदी खुद-ब-खुद दिल…
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धार्मिकशरई अहकाम | अगर अज़ादारी की वजह से नमाज़ क़ज़ा हो जाए तो क्या करना चाहिए?
हौज़ा /आयतुल्लाह सय्यद अली खामेनेई ने अज़ादारी और नमाज़ के बीच मुमकिन टकराव पर शरिया के नियम के बारे में एक रेफरेंडम पर जवाब दिया है।
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भारतशहज़ादी ज़हरा (स) ने अपने पूरे अस्तित्व के साथ अपने समय के इमाम का बचाव किया
हौज़ा / 29 जमादी-उल-अव्वल, गुरुवार को मदरसा ए मुबारका मोमिनिया, क़ुम अलमुक़द्दस में शहज़ादी फ़ातिमा ज़हेरा (स.ल.) की शहादत के मौके पर उर्दू ज़बान के छात्रों की तरफ़ से एक मजलिस ए अज़ा का आयोजन…
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दिन की हदीसः
धार्मिकतीन ऐसे काम जिनका सवाब हैरत अंगेज़ हैं
हौज़ा / रसूल अल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेहि व सल्लम) ने एक रिवायत में तीन ऐसे कामों का ज़िक्र किया है जिनका सवाब हैरत अंगेज़ हैं।
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धार्मिकशरई अहकाम । क्या ज़ोहर की वुज़ू से मग़रिब और इशा की नमाज़ पढ़ी जा सकती है ?
हौजा / हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनेई ने एक सवाल के जवाब में यह वज़ाहत फ़रमाई है कि किन सूरतों में एक ही वुज़ू से कई फ़र्ज़ नमाज़ें अदा की जा सकती हैं।
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धार्मिकशरई अहकाम । क्या क़ुनूत के दौरान अंगूठी घुमाना सवाब रखता है?
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा नासिर मकारिम शिराज़ी ने क़ुनूत के दौरान अंगूठी घुमाने के हुक्म से संबंधित एक सवा का जवाब दिया है।
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धार्मिकशरई अहकाम । अगर पूरी नमाज़ के दौरान खड़े नहीं रह सकते, तो किस तरह नमाज़ अदा करनी चाहिए?
हौज़ा/ हज़रत आयतुल्लाह मकारिम शिराज़ी ने उस शख्स के शरई हुक्म के बारे में जवाब दिया है जो नमाज़ के कुछ हिस्से में खड़ा होने की ताक़त नहीं रखता।
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धार्मिकबरज़ख और कयामत के सवालात में क्या फर्क है?
हौज़ा / बरजख और क़ियामत दोनों जगह इंसान से सवाल किए जाते हैं और उसका हिसाब-किताब होता है लेकिन इन दोनों जगहों के सवालों की प्रकृति, गहराई और मकसद बिल्कुल अलग होता हैं। यही फर्क इंसान की आखिरी…
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धार्मिकशरई अहकाम । क्या गुस्ल-ए-जुमा के बाद वुजू के बिना नमाज़ पढ़ी जा सकती है?
हौज़ा / गुस्ल-ए-जुमा हालांकि एक मुअक्कद मस्तहब है, लेकिन वुजू का स्थान नहीं ले सकता। इसलिए फर्ज़ नमाज़ या किसी भी ऐसे काम के लिए जिसमें पाकीज़गी की शर्त हो, वुजू ज़रूरी है। केवल गुस्ल-ए-जनाबत…
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उस्ताद मोहसिन क़राती:
उलेमा और मराजा ए इकरामनमाज़ की शिक्षा घर और स्कूल से शुरू होनी चाहिए
हौज़ा / जो परिवार स्वयं नमाज़ पढ़टे है, वही नमाज़ पढ़ने वाले बच्चों का पालन-पोषण करता है। यदि प्रशासक और शिक्षक स्वयं नमाज़ पढ़ने के इच्छुक हों, तो वे नमाज़ के सबसे बड़े प्रचारक होंगे। नमाज़…