نئے علمبردارِ انقلاب سے پیروانِ زینبؑ کا عہد و پیمان؛
دشمن کا ملت کے عزم میں دراڑ ڈالنے کا خیال محض خام خیالی ہے
حوزہ / حوزۂ علمیہ خواہران صوبۂ تہران کے مدیر نے اپنے ایک پیغام میں آیت الله سید مجتبیٰ حسینی خامنہای کے جمہوریہ اسلامی کے رہبر منتخب ہونے پر مبارکباد پیش کی ہے۔
हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान प्रांत के महिला धार्मिक मदरसा के प्रधानाचार्य हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मुहम्मद हुसैन किबरियान के संदेश का पाठ निम्नलिखि हैः
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम
«یَا أَیُّهَا الَّذِینَ آمَنُوا أَطِیعُوا اللَّهَ وَأَطِیعُوا الرَّسُولَ وَأُولِی الْأَمْرِ مِنْکُمْ...» (سورۂ نساء: آیت ۵۹)
ए ईमान वालो अल्लाह का अनुसरण करो, रसूल का अनुसरण करो और साहेबान अम्र का अनुसरण करो।
ए साहेबज़ जमान हम आपकी सेवा मे मार्गदर्शन के ध्वज की निरंतरता और क्रांति की नाव की बाग डोर हज़रत ज़हरा के पवित्र वंश के एक बेटे को सौंपे जाने पर बधाई देते है।
हमारा विश्वास है कि यह बा बरकत च्यन आपकी विशेष कृपा और निगरानी मे अंजाम पाया है ताकि इस प्रणाली का तमद्दुन साज़ मार्ग ज़हूर की सुबह तक पहले से अधिक ऊर्जा के साथ जारी रहे।
हम दिल की गहराई से मजलिस खुबरेगान रहबरी के सम्मानित सदस्यो के इस बुद्धिमानपूर्ण, वीरतापूर्ण और क्रांतिकारी कार्रवाई की सरहाना करते है। इन अहले बसीरत की ओर से समय रहते और निर्णायक लब्बैक देते हुए नेतृत्व की बड़ी अमानत को एक योग्य उत्ताराधिकारी को सौंपना दंगो की आग पर ठंडा पानी साबित हुआ।
इस दुशमन शिकन च्यन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह पवित्र प्रणाली हज़रत वली अस्र (अ) की इनायात की छत्रछाया मे है और उम्मत का मार्गदर्शन मे कभी खाई पैदा नही होने देंगे।
आज हम तेहरान प्रांत के महिला धार्मिक मदरसा के बड़े परिवार के सदस्य जिनमे संस्थापक, कर्यकर्ता, सम्मानित अध्यापक और ईसार करनी वाली छात्राए शामिल है इस महत्वपूर्ण और निर्णायक चरण पर पूरी ऊर्जा और इरादे के साथ घोषणा करते है।
हम अल्लाह के वादे पर ईमान रखते हुए और अलवी अंतर्दृष्टि को रोल मॉडल बनाते हुए हज़रत आयतुल्लाह इमाम सय्यद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनई, जो हज़रत ज़हरा की पवित्र वंश से और सालेह उत्तारधिकारी है, का भरपूर समर्थन और उनके साथ अपनी मज़बूत और मोहकम बैअत की घोषणा करते है।
हम यक़ीन रखते है कि आज यह नूरानी ध्वज ऐसे अमीन, ग़ैरत मंद और बा बसीरत हाथो मे है जो उम्मत के शहीद नेता के मार्ग के हक़ीक़ी वारिस हैः इसलिए हम अर्ज़ी करते हैः
ए श्कतिशाली ध्वजधारक हम शांत युद्ध के सिपाही वादा करते है कि कलम और बयान के हथियार के साथ दुशमन के झूठे एमपायर को लरज़ा देंगे। हम कदापि अनुमति नही देंगे कि दंगो की गर्द विलायत के चमकते चेहरे को धुंधला दे। महिला धार्मिक मदरसा आज से बसीरत पैदा करने के केंद्र बन जाएंगे और अंतिम सास तक इसी मार्ग की वास्तविकता को बयान करते रहेंगे।
इस्लाम का दुशमन जान ले कि इस जनता के इरादे मे दरार डालने का ख्याल केवल एक सपना है। अपने नए और शक्तिशाली वली अम्र की ध्वजधारी मे हम पहले से अधिक एकजुट होकर वैश्विक उपनिवेशवाद के सामने खड़े रहेंगे और ज़हूर की मंजिलो तक पहुचने और तौहीद का परचम पूरी दुनिया मे बुलंद करने तक पीछे नही हटेंगे।
हम ज़ैनबी चरित्र के साथ एक ऐसी पीढ़ी का प्रशिक्षण करेंगे जो शहादत के जज़्बे से पूर्ण और दुशमन को सख्त जवाब दे। हमारे शहीद सुप्रीम लीडर का रक्त हमारे इरादे की शक्ति है और विजय निश्चित रूप से मुत्तकीन के लिए है।
लब्बैक या ख़ामेनई
हम अपने इस वादे पर कायम है जो हमने वादा किया है।
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