हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के हौज़ा ए इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह अली रज़ा अराफी ने कहा कि पूरी दुनिया जान ले कि ईरान की जनता और जिम्मेदार लोग पूर्ण एकता और सद्भाव के साथ दुश्मन का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। दुश्मन की सभी साजिशें और धोखे नाकाम होंगे और ईरान पहले से कहीं अधिक मजबूत होकर उभरेगा।
आयतुल्लाह अराफी ने यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य विरोधी ताकतों की ईरान में मतभेद पैदा करने की कोशिशों के जवाब में जारी किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप के हालिया बयान और सोशल मीडिया संदेश वास्तव में उनकी दुश्मनी, विद्वेष और हार की अभिव्यक्ति हैं। यह रवैया न केवल उनकी आंतरिक बेचैनी को दर्शाता है, बल्कि अमेरिकी समाज के भीतर पाए जाने वाले मतभेदों और राजनीतिक संकट को भी दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी आज गंभीर भ्रम और कमजोरी का शिकार हैं, जबकि क्षेत्र के लोग युद्ध, आक्रामकता और अत्याचार के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। ईरान और प्रतिरोधी मोर्चे की दृढ़ता ने अमेरिकी-सियोनी मोर्चे को और अधिक परेशान कर दिया है। आयतुल्लाह अराफी के अनुसार, ट्रंप के बयान इसी असफलता और बेबसी का परिणाम हैं और उनका उद्देश्य केवल ईरान के भीतर मतभेद पैदा करना है, जो कभी सफल नहीं होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आज ईरान की जनता, सरकार, संस्थान और प्रतिरोधी ताकतें पहले से कहीं अधिक एकजुट और संगठित हैं और दुश्मन की हर चाल का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह एकता रहबरे मोआज़मे इंकिलाबे इस्लामी ( सर्वोच्च नेता) के नेतृत्व में और मजबूत हो रही है और राष्ट्र अपनी प्रतिष्ठा, सम्मान और संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है।
आयतुल्लाह अराफी ने कहा कि धार्मिक संस्थान, विद्वान और हौज़ा ए इल्मिया के सभी लोग भी इस रास्ते पर स्थिर हैं। उन्होंने इमाम खुमैनी, रहबरे इंकिलाब (सर्वोच्च नेता) और अन्य मराजे की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए ईरान की स्वतंत्रता, सम्मान और इस्लामी मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
उन्होंने अंत में ट्रंप के बयानों को निराधार और काल्पनिक बताते हुए कहा कि वे ईरान की जनता और नेतृत्व के बीच मतभेद पैदा करने में हरगिज़ सफल नहीं होंगे। उन्होंने प्रार्थना की कि इस्लाम, ईरान के इस्लामी क्रांति और मेहवरे मुक़ावमत (प्रतिरोध मोर्चे) को सफलता प्राप्त हो।
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