शुक्रवार 1 मई 2026 - 14:05
रूहानियत और हौज़ा ए इल्मिया ईरान की जनता के साथ मिलकर, पिछले दो महीने के रास्ते को और भी मज़बूती के साथ जारी रखेंगें

हौज़ा / हौज़ा ए इल्मिया ईरान के प्रमुख आयतुल्लाह अराफी ने कहां,जागरूक धार्मिक नेतृत्व और हौज़ा ए इल्मिया ईरान की जनता के साथ मिलकर पिछले दो महीने के रास्ते को और भी मज़बूती से जारी रखेंगी। जागरूक धार्मिक नेतृत्व और हौज़ा ए इल्मिया हमेशा मैदान में, सड़कों पर, लोगों के साथ, जनता की सेवा में, खुद के रास्ते में जिहाद करने वाले, इस्लाम, ईरान और इस्लामी समुदाय के सिपाही बने रहेंगे।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हौज़ा ए इल्मिया ईरान के प्रमुख आयतुल्लाह अराफी ने कहां,जागरूक धार्मिक नेतृत्व और हौज़ा ए इल्मिया ईरान की जनता के साथ मिलकर पिछले दो महीने के रास्ते को और भी मज़बूती से जारी रखेंगी। जागरूक धार्मिक नेतृत्व और हौज़ा ए इल्मिया हमेशा मैदान में, सड़कों पर, लोगों के साथ, जनता की सेवा में, खुद के रास्ते में जिहाद करने वाले, इस्लाम, ईरान और इस्लामी समुदाय के सिपाही बने रहेंगे।

आयतुल्लाह अली रज़ा अराफी का पूरा संदेश कुछ इस प्रकार है:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

अल्लाह की कृपा से, इमाम खुमैनी और इस्लामी क्रांति के विचारों के प्रकाश में, शहीदों, विशेषकर प्रिय शहीद नेता कासिम सुलेमानी के पवित्र खून कि बरकत से, बहादुर ईरानी जनता और प्रतिरोध मेहवर-ए-मुक़ाविमत के अद्वितीय संघर्ष से, सैन्य, पुलिस और सुरक्षा बलों की कुर्बानियों से, देश के अधिकारियों और प्रबंधकों के प्रयासों से, और सर्वोच्च नेता खामेनेई के मार्गदर्शन, महान मराजाए हौज़ा व विश्वविद्यालय के विद्वानों के निर्देशन से हमारा प्रिय और गौरवान्वित ईरान, प्रतिरोध धुरी, इस्लामी क्रांति और इस्लामिक उम्माह ने इस ऐतिहासिक मोड़ और सत्य-असत्य की इस बड़ी लड़ाई में सामरिक एवं सभ्यतागत उपलब्धियाँ हासिल कर ली हैं।

इस्लाम और इस्लामी क्रांति की रौशनी, कमजोर और आक्रामक शत्रुओं की निराशा, और वैश्विक समीकरणों में बदलाव यह सब प्रशंसा और अल्लाह के दरबार में शुक्र की बात है।

इस उज्ज्वल, संवेदनशील, कठिन एवं पेचीदा रास्ते के बीच में इस ऐतिहासिक और नियतिवाचक संग्राम के मैदान में, सभी को अल्लाह के समक्ष विनम्रता, उसकी मदद माँगने, विशेषकर इमाम जमाना अ.स. और महान शहीदों से सहायता लेने, मैदान में स्थिरता एवं मजबूती से उपस्थित रहने, पंक्तियों की एकता और सामंजस्य, समझदारी और साहस के साथ, अल्लाह के मार्ग में जिहाद का यह सिलसिला जारी रखना चाहिए।

विशाल जनता, प्रिय युवा, इस्लामी उम्माह और प्रतिरोध धुरी के मुजाहिद, इस दिव्य प्रतिज्ञा पर दृढ़ रहेंगे। वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक ऊँचाइयाँ फ़तह नहीं कर लेते और ईरान एवं मुस्लिम उम्माह पर आक्रमण करने वालों, वचन तोड़ने वालों व दुनिया भर के अत्याचारियों पर विजय प्राप्त नहीं कर लेती। वे सैन्य, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक — सभी क्षेत्रों में जानदार प्रतिरोध जारी रखेंगे।

निस्संदेह अल्लाह और परोक्ष मदद आएगी, और आसमानी विजयें तथा इससे बड़ी सफलताएँ सामने आएँगी अल्लाह की कृपा और आज्ञा से।

जागरूक धार्मिक नेतृत्व, हौज़ा ए इल्मिया,तल्लाब ,उलेमा, शिक्षकों, प्रचारकों, जिहाद करने वालों और सभी हौज़ा संस्थानों, केंद्रों व स्कूलों की विशाल संख्या ये सभी मैदान में, सड़कों पर लोगों के साथ, जनता के सेवक, अल्लाह के रास्ते में जिहाद करने वाले, इस्लाम, ईरान और उम्मात के सैनिक बने रहेंगे।

वह पिछले दो महीने के रास्ते को और भी मजबूती से जारी रखेंगे। वे इस पवित्र रक्षा जैसे ईरान-इराक युद्ध के समान में अपनी भूमिका निभाने को अपनी पहली प्राथमिकता और कर्तव्य मानते हैं।

وَمَا النَّصْرُ إِلَّا مِنْ عِنْدِ اللَّهِ الْعَزِیزِ الْحَکِیمِ

आयतुल्लाह अली रज़ा अराफी

हौज़ा ए इल्मिया के प्रमुख

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