हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के मध्य प्रांत में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि आयतुल्लाह क़ुरबान अली दरी नजफ़ आबादी ने ईरान के शहर अराक में एक जन सभा को संबोधित करते हुए कहा: ईरान ने अपनी आंतरिक क्षमताओं के सहारे न केवल बाहरी दबावों के सामने हार नहीं मानी, बल्कि वैज्ञानिक, औद्योगिक और रक्षा क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति भी हासिल की है।
उन्होंने कहा: इस्लामी प्रणाली की ताक़त का असली सुतून जनता हैं और जनता का समर्थन और परवरदिगार ईमान ने ईरान को दुश्मनों की साज़िशों के ख़िलाफ़ अजेय बना दिया है।
आयतुल्लाह दरी नजफ़ आबादी ने कहा: दुश्मन विभिन्न आर्थिक प्रतिबंधों और मनोवैज्ञानिक दबावों के माध्यम से ईरान का गैरों पर निर्भरता दिखाना चाहते हैं, लेकिन ईरान की बाशऊर जनता ने साबित कर दिया है कि वह जिहादी जज़्बे और आत्मविश्वास के साथ हर रुकावट पर क़ाबू पा सकती है।
उन्होंने वार्ता के सिलसिले में ईरान के पत्र और ट्रम्प के जवाब की ओर इशारा करते हुए कहा: ट्रम्प को मालूम होना चाहिए कि ईरान गुंडागर्दी की ज़बान में बात नहीं करता, बल्कि वह ताक़तवर है और ख़ुदावंद और जनता के समर्थन के सहारे बात करता है।
प्रांत मरकज़ी में नुमाइंदा-ए-वली-ए-फ़क़ीह ने अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी, ग़ासिब इस्राइली सरकार और दुनिया के आदमखोर भेड़ियों से ख़िताब करते हुए कहा: हमारा नारा क़ुरआन से माख़ूज़ (ग्रहण किया गया) है। ख़ुदा की राह में मौत और शहादत हमारी आरज़ू है और हम इस इज़्ज़त के हासिल करने के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन हम कभी भी भेड़ियों, यज़ीदियों, ज़माने के शैतानों और दुनिया के अपराधियों के आगे नहीं झुकेंगे।
उन्होंने आगे कहा: ईरान की ताक़त इलाही ईमान, वलाई अक़ीदों, क़ौमी एकजुटता और इत्तिहाद और अवाम की हमेशा मैदान में मौजूदगी में जुड़ी हुई है और इन चार सुतूनों ने मुल्क को इतना मज़बूत कर दिया है कि हम किसी भी गुंडे और ज़ालिम के आगे समर्पण नहीं करेंगे।
आपकी टिप्पणी