सोमवार 18 मई 2026 - 08:51
हज़रत अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) के नज़दीक हज़रत ज़हरा (स) का मक़ाम

हज़रत अमीरूल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने एक रिवायत मे हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) के साथ साझा जीवन मे उनके अखलाक़ और चरित्र की ओर इशारा किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत बिहार उल अनवार किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः 

امیرالمؤمنین علی علیه‌السلام:

فَوَاللَّهِ لاَ أَغْضَبَتْنِی وَ لاَ عَصَتْ لِی أَمْراً وَ لَقَدْ کُنْتُ أَنْظُرُ إِلَیْهَا فَتَنْکَشِفُ عَنِّی الْهُمُومُ والأَحْزَانُ

हज़रत अमीरुल मोमिनीन अली (अ) ने फ़रमाया:

अल्लाह की क़सम! फ़ातिमा (स) ने कभी मुझे क्रोधित नहीं किया और न ही कभी किसी मामले में मेरी अवज्ञा की। और मैं जब भी उनकी ओर देखता था, तो मेरे सारे ग़म और चिंताएँ दूर हो जाती थीं।

बिहार उल अनवार, भाग 43, पेज 134

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha