गुरुवार 25 जून 2026 - 23:12
फंदेड़ी सादात में 9 मोहर्रमुल हराम की मजलिस एवं अलम का जुलूस, हज़रत अब्बास (अ) की वफ़ादारी और जानिसारी पर खिताब

मोहर्रमुल हराम के अवसर पर फंदेड़ी सादात में अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम तथा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के अलम उठाए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मोमिनीन ने भाग लेकर अहले बैत अलैहिमुस्सलाम के प्रति अपनी श्रद्धा और निष्ठा का प्रदर्शन किया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, फंदेड़ी सादात में माहे मोहर्रमुल हराम के अवसर पर अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम तथा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के अलम उठाए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मोमिनीन ने उपस्थित होकर अहले बैत अलैहिमुस्सलाम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और जुड़ाव का इज़हार किया।

मस्जिद ज़ैनबिया, मोहल्ला शुमाली फंदेड़ी सादात में आयोजित मजलिस-ए-अज़ा को संबोधित करते हुए मौलाना सय्यद शान हैदर नंबरदार ने हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम की अद्वितीय वफ़ादारी, जानिसारी, ईसार और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के प्रति उनकी अडिग निष्ठा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम ने कर्बला में वफ़ा, ईसार और इमाम की आज्ञापालन की ऐसी अनुपम मिसाल पेश की, जिसकी समानता मानव इतिहास में कहीं नहीं मिलती।

मौलाना ने अपने संबोधन में हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम की अत्यंत मार्मिक और हृदयविदारक शहादत एवं मसाइब का भी ज़िक्र किया। इसे सुनकर मोमेनीन की आँखें नम हो गईं और पूरी मजलिस ग़म और मातम के वातावरण में बदल गई।

मजलिस के समापन पर हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम का अलम पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ उठाया गया। बड़ी संख्या में मोमिनीन नौहाख़्वानी और सीना-ज़नी करते हुए जुलूस की शक्ल में अलम के साथ रवाना हुए। ग़मगीन वातावरण में "या अब्बास (अ)" और "या हुसैन (अ)" की सदाएँ निरंतर गूंजती रहीं तथा अज़ादारों ने अपने गहरे श्रद्धाभाव और समर्पण का भावपूर्ण प्रदर्शन किया।

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha