हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट अनुसार, उत्तर प्रदेश जनपद बिजनौर के हल्दौर क्षेत्र के गांव छज्जुपुरा सादात में अशरा-ए-चेहलुम हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) के उनवान से आयोजित दस दिवसीय मजलिसों के दूसरे दिन पहली मजलिस दरगाह-ए-फातेमा तथा दूसरी मजलिस इमामबारगाह में आयोजित हुई। मजलिसों को क्रमशः मौलाना सैय्यद हैदर रज़ा नजफ़ी एवं मौलाना सलमान अब्बास बाराबंकी ने खिताब किया।
मीडिया प्रभारी शाही वास्ती के संचालन में आयोजित मजलिसों में मरसिया-ख़्वानी मोहम्मद रज़ा, मोहम्मद अब्बास, नायाब हैदर, मोहम्मद आलम एवं सालिम ज़ैदी ने की। पेशख़्वानी मौलाना मैहदी अब्बास ज़ैदी एवं रईस ज़ैदी ने, जबकि नौहाख़्वानी सालिम ज़ैदी एवं अम्मार ज़ैदी ने की।मौलाना सलमान अब्बास ने अपने बयान में कहा कि यदि किसी को अपना बनाना है तो हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की तरह सब्र, सच्चाई और बेहतरीन किरदार अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) ने हक़ और बातिल की जंग में हक़ का साथ देते हुए अपनी तथा अपने अहलेबैत और अंसार की बेमिसाल कुर्बानी देकर दीन-ए-इस्लाम को बचाया। उन्होंने कहा कि कर्बला इज़्ज़त और इंसानियत का रास्ता है। इमाम हुसैन (अ.स.) के दर पर सभी बराबर हैं। यहां हर धर्म और वर्ग के लोग अकीदत के फूल पेश करते हैं, क्योंकि पूरी दुनिया जानती है कि 1400 वर्ष पूर्व कर्बला में दी गई उनकी कुर्बानी ने इंसानियत को नई ज़िंदगी दी और दीन-ए-नबी को हमेशा के लिए ज़िंदा कर दिया। मजलिस के अंत में मौलाना ने हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की लाडली बेटी जनाबे सकीना (स.अ.) के दर्दनाक मसायब बयान किए, जिन्हें सुनकर अज़ादार अश्कबार हो गए। उपस्थित अज़ादारों ने हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की बारगाह में जनाबे सकीना (स.अ.) का पुरसा पेश कर ग़म-ए-अहलेबैत में शिरकत की।
कर्बला इज़्ज़त और इंसानियत का रास्ता है। इमाम हुसैन (अ.स.) के दर पर सभी बराबर हैं। यहां हर धर्म और वर्ग के लोग अकीदत के फूल पेश करते हैं, क्योंकि पूरी दुनिया जानती है कि 1400 वर्ष पूर्व कर्बला में दी गई उनकी कुर्बानी ने इंसानियत को नई ज़िंदगी दी और दीन-ए-नबी को हमेशा के लिए ज़िंदा कर दिया।
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कर्बला का ऐसा शहीद जिसकी शहादत पर इंसान नही इंसानीयत रोती हैः मौलाना अब्बास बाक़री
शहर की सभी इमामबारगाहों और अज़ाखानों में मजलिसों और मातम का सिलसिला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है, क्योंकि यौम-ए-आशूरा नजदीक आ रहा है। इस अवसर पर…
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14 मोहर्रम को 72 ताबूतों का निकाला गया जूलूस
हौज़ा / कर्बला के शहीदों की याद में 14 मोहर्रम को उतरौला के ग्राम अमया देवरिया में हज़रत अब्बास से गमगीन माहौल में 72 ताबूतों का जुलूस निकाला गया।
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हज़रत फातेमा ज़हरा (स) कि शहदत के मौके पर लखनऊ के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन
हौज़ा / अय्यामे फातिमिया की मुनासिबत से लखनऊ में विभिन्न इमामबाड़ों और हुसैनीया में मजलिस ए अज़ा का आयोजन किया गया हैं।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में अज़ा ए फातिमीया का आयोजन:
हज़रत फातिमा (स) हर दौर के लिए आदर्श हैं, हक़ की समर्थन में कुर्बानी ज़रूरी है,मौलाना हसनैन बाकरी
हौज़ा / मौलाना हसनैन बाकरी ने कहा कि हज़रत फातिमा ज़हेराؑ का जीवन हर युग के लिए एक प्रेरणा है उन्होंने हक और सच्चाई के समर्थन में अपनी भूमिका और कुर्बानियों…
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ग़दीर का संदेश और कर्बला की कुर्बानी एक ही मिशन के दो पहलू हैं : मौलाना अब्बास बाक़री
मुहर्रम की सातवीं तारीख को शहर की विभिन्न इमामबारगाहों में इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों की याद में मजलिसों, मातमी जुलूसों और नोहाख्वानी का सिलसिला…
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फंदेड़ी सादात में 9 मोहर्रमुल हराम की मजलिस एवं अलम का जुलूस, हज़रत अब्बास (अ) की वफ़ादारी और जानिसारी पर खिताब
मोहर्रमुल हराम के अवसर पर फंदेड़ी सादात में अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम तथा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के अलम उठाए गए। इस अवसर…
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हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना ग़ुलाम रसूल नूरी
इमाम हुसैन ने 72 साथीयों की कुर्बानी देकर इस्लाम को बचाया / फोटों
हौज़ा/मुजफ्फनगर तिस्सा सादात में अशरा ए सानी की दसवीं मजलिस को सम्बोधित करते हुए मौलाना ने कहा, आज जो इस्लाम मौजूद है यह कर्बला वालों का एहसान है इमाम…
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सच और हक़ बात छुपाने वाला हुसैनी नहीं हो सकता,मौलाना अदीब हसन
हौज़ा/मौलाना सैय्यद अदीब हसन रिज़वी दिल्ली ने खिताब करते हुए कहा कि सच एवं हक बात को छिपाने वाला हुसैनी नहीं हो सकता। ग़लत का साथ देने से समाज में बुराई…
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हज़रत अब्बास (अ) की याद में शहर भर की इमामबारगाहों में मजलिसों और मातमी कार्यक्रमों का आयोजन
हज़रत अब्बास (अ) ने कर्बला में ऐसी वफ़ादारी का परिचय दिया जिसकी मिसाल इतिहास में नही मिलती। जब युद्ध के दौरान उनके दोनों हाथ क़लम कर दिए गए, तब भी उन्होंने…
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ईरान के राष्ट्रपति आयतुल्लाह सय्यद इब्राहीम रईसी और उनके साथियों की शहादत पर आयोजित की गई मजलिस
हौज़ा / इस्लामिक रिपब्लिक ऑफईरान के राष्ट्रपति आयतुल्लाह डाक्टर इब्राहिम रईसी और उनके वफादार साथियों की याद में जौनपुर जामिया अली मुर्तजा व शिया यतीम खाना…
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