शुक्रवार 28 अगस्त 2026 - 17:03
आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर नजफ़ी से पोप के प्रतिनिधि और क़लदानी ईसाई समुदाय के प्रमुख की मुलाकात

मुलाकात में प्रेम, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, अधिकारों और मानव जीवन की सुरक्षा के संबंध में बातचीत हुई। साथ ही इराक़ी जनता के विभिन्न वर्गों के बीच नागरिकता की भावना और भाईचारे को बढ़ावा देने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, नजफ़-ए-अशरफ़ के महान धार्मिक विद्वान आयतुल्लाहिल उज़्मा अल्हाज हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी (द) ने अपने केंद्रीय कार्यालय नजफ़-ए-अशरफ़ में इराक़ में पोप के प्रतिनिधि और वेटिकन के राजदूत (अपोस्टोलिक नुन्सियो) मोनसिग्नोर मिरोस्लाव स्टानिस्लाव वाशोव्स्की का स्वागत किया। उनके साथ इराक़ और दुनिया भर के क़लदानी ईसाई समुदाय के प्रमुख पैट्रिआर्क पॉल तृतीय नूना और उनके साथ आया प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।

मुलाकात के दौरान विभिन्न मानवीय और सामाजिक मुद्दों पर बातचीत हुई। विशेष रूप से समाज के लोगों के बीच प्रेम और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के मूल्यों तथा लोगों के अधिकारों की रक्षा और मानव जीवन की पवित्रता एवं सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर दिया गया। खास तौर पर ऐसे समय में, जब दुनिया युद्धों और संघर्षों का सामना कर रही है, जो तबाही और बर्बादी का कारण बनने के साथ-साथ निर्दोष लोगों की जान भी ले रहे हैं।

आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर नजफ़ी से पोप के प्रतिनिधि और क़लदानी ईसाई समुदाय के प्रमुख की मुलाकात

आयतुल्लाह बशीर नजफ़ी और उनके दोनों मेहमानों के बीच साझा मानवीय मूल्यों को मजबूत करने तथा विभिन्न धर्मों और सामाजिक वर्गों के अनुयायियों के बीच बातचीत और आपसी समझ को बढ़ावा देने के महत्व पर भी चर्चा हुई, ताकि समाज में शांति और स्थिरता का माहौल बनाया जा सके और इंसान की गरिमा तथा उसके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर नजफ़ी से पोप के प्रतिनिधि और क़लदानी ईसाई समुदाय के प्रमुख की मुलाकात

इसी सिलसिले में आए हुए प्रतिनिधिमंडल ने आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी के बेटे और केंद्रीय कार्यालय के निदेशक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन शेख़ अली नजफ़ी से भी मुलाकात की। मुलाकात के दौरान नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय जुड़ाव की भावना को मजबूत करने तथा इराक़ी जनता के विभिन्न वर्गों के बीच भाईचारे और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के संबंधों को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया।

मुलाकात में धार्मिक नेतृत्वों के बीच संपर्क और बातचीत को जारी रखने, आपसी सहयोग और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के महत्व पर ज़ोर दिया गया, ताकि इराक़ी समाज की एकता को मजबूत किया जा सके, उसके विविध सामाजिक ताने-बाने को सुरक्षित रखा जा सके और उसके निवासियों के बीच भाईचारे तथा शांति के मूल्यों को और अधिक मजबूत किया जा सके।

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