रविवार 20 सितंबर 2026 - 23:11
भारत मे जामेअतुल मुस्तफ़ा के प्रतिनिधि ने जामेअतुल खदीजा जौनपूर का दौरा किया

जामिया खदीजतुल कुबरा में जामिअतुल मुस्तफा हिंद के प्रतिनिधि हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन कमाल हुसैनी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक ज्ञान, नैतिक प्रशिक्षण तथा शैक्षिक और बौद्धिक विकास के महत्व पर जोर दिया और छात्राओं को अपनी क्षमताओं को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जूनपुर, भारत में जामिअतुल मुस्तफा अल-आलमिया के प्रतिनिधि हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन कमाल हुसैनी ने जामिया खदीजतुल कुबरा जूनपुर का दौरा किया। इस अवसर पर जामिया के प्रबंधन, शिक्षकों और छात्राओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। छात्राओं ने उनसे मुलाकात की और उनकी नैतिक एवं प्रशिक्षण संबंधी बातों से लाभ उठाया।

हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन कमाल हुसैनी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए नैतिकता और प्रशिक्षण पर व्याख्यान दिया। उन्होंने ज्ञान प्राप्त करने के साथ नैतिक, आध्यात्मिक और सर्वांगीण विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञान प्राप्त करना केवल धार्मिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक शिक्षा और प्रशिक्षण के साथ आधुनिक ज्ञान तथा नए शैक्षिक और तकनीकी क्षेत्रों से परिचित होना भी एक जागरूक और ईमानदार इंसान के लिए जरूरी है।

भारत मे जामेअतुल मुस्तफ़ा के प्रतिनिधि ने जामेअतुल खदीजा जौनपूर का दौरा किया

उन्होंने छात्राओं को कुरआन, अहले-बैत (अ) की शिक्षाओं और धार्मिक ज्ञान के साथ-साथ शैक्षिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और विशेषज्ञता के क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने तथा अपनी क्षमताओं को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रत्येक छात्रा अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सकती है। कोई शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में, कोई शैक्षिक और शोध के क्षेत्र में, कोई सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में और कोई अन्य जिम्मेदारियों के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा सकती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इंसान जिस भी स्थान पर हो, वह मेहनत, निष्ठा, ज्ञान और अच्छे आचरण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाए तथा समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए भलाई और सेवा का माध्यम बने।

भारत मे जामेअतुल मुस्तफ़ा के प्रतिनिधि ने जामेअतुल खदीजा जौनपूर का दौरा किया

जामिअतुल मुस्तफा हिंद के प्रतिनिधि ने तकवा, अच्छे आचरण, दूसरों के सम्मान, जिम्मेदारी की भावना, अनुशासन और ईश्वरीय आदेशों पर अमल के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञान तभी प्रभावी और उद्देश्यपूर्ण होता है, जब उसके साथ नैतिकता और आध्यात्मिकता भी हो। एक छात्रा को शैक्षिक विकास के साथ अपने नैतिक और आध्यात्मिक विकास पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि उसका चरित्र धार्मिक शिक्षाओं और अहले-बैत (अ) के मक्तब की झलक पेश करे।

उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के दौरान मिलने वाले अवसरों का भरपूर लाभ उठाने, अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने और अधिक मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाएं ज्ञान प्राप्त करके, ईमान और नैतिकता को मजबूत बनाकर तथा लगातार प्रयास के माध्यम से भविष्य में परिवार और समाज में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।

भारत मे जामेअतुल मुस्तफ़ा के प्रतिनिधि ने जामेअतुल खदीजा जौनपूर का दौरा किया

इस अवसर पर जामिया की प्रबंधिका, शिक्षकों और अन्य जिम्मेदार लोगों के साथ एक विशेष बैठक भी आयोजित की गई। इसमें जामिया की शैक्षिक और प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियों, छात्राओं की शैक्षिक स्थिति, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा छात्राओं के प्रशिक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा और विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान शैक्षिक और प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियों को और मजबूत तथा विस्तृत करने के तरीकों पर भी विचार किया गया।

उल्लेखनीय है कि जामिया खदीजतुल कुबरा, जूनपुर, छात्राओं की धार्मिक और आधुनिक शिक्षा, नैतिक एवं आध्यात्मिक प्रशिक्षण तथा शैक्षिक और बौद्धिक विकास के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत है। यहां शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से जागरूक, ईमानदार और प्रतिभाशाली पीढ़ी तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

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