सोमवार 2 नवंबर 2026 - 22:00
मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी नदवी के निधन पर मौलाना सय्यद सादिक़ हुसैनी की नदवतुल उलेमा, लखनऊ यात्रा; पदाधिकारियों और परिजनों से व्यक्त की संवेदना

हिंदुस्तान में संस्था-ए-तक़रीब-ए-मज़ाहिब के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद सादिक़ हुसैनी ने दारुल उलूम नदवतुल उलेमा, लखनऊ के मोहतमिम और अहले सुन्नत के प्रतिष्ठित विद्वान मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी नदवी के निधन पर नदवतुल उलेमा के पदाधिकारियों और दिवंगत के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मौलाना की दीर्घकालीन शैक्षिक, धार्मिक और अकादमिक सेवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, संस्था-ए-तक़रीब-ए-मज़ाहिब के अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद सादिक़ हुसैनी ने दारुल उलूम नदवतुल उलेमा के मोहतमिम और अहले सुन्नत के प्रतिष्ठित विद्वान मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी नदवी के निधन पर नदवतुल उलेमा के पदाधिकारियों से मुलाकात की और उनके प्रति शोक एवं संवेदना प्रकट की।

मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी नदवी के निधन पर मौलाना सय्यद सादिक़ हुसैनी की नदवतुल उलेमा, लखनऊ यात्रा; पदाधिकारियों और परिजनों से व्यक्त की संवेदना

इस अवसर पर उन्होंने दिवंगत मौलाना के बेटे से भी मुलाकात की और उनके पिता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिवार के सदस्यों तथा निकट संबंधियों के प्रति संवेदना प्रकट की।

हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सैयद सादिक़ हुसैनी ने मोहतमिम मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी की दीर्घकालीन धार्मिक, शैक्षिक और अकादमिक सेवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दिवंगत मौलाना ने अपने जीवन का एक लंबा समय इस्लामी ज्ञान के प्रचार-प्रसार, धार्मिक शिक्षा को बढ़ावा देने तथा शैक्षिक एवं साहित्यिक विरासत के संरक्षण के लिए समर्पित किया था। तीन दशकों से अधिक समय तक नदवतुल उलेमा से उनका जुड़ाव और संस्थान की शैक्षिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने अपनी क्षमताओं और अनुभवों को धार्मिक एवं शैक्षिक सेवाओं के लिए समर्पित कर दिया था।

उन्होंने पत्रिका ‘अल-बअसुल इस्लामी’ के संपादक के रूप में मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी की सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस शैक्षिक एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिका के माध्यम से दिवंगत मौलाना ने इस्लामी विचारधारा, अरबी भाषा एवं साहित्य और धार्मिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उनकी शैक्षिक रुचि और सेवाओं का दायरा हदीस, फ़िक़्ह, इस्लामी علوم और अरबी साहित्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों तक फैला हुआ था।

मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी नदवी के निधन पर मौलाना सय्यद सादिक़ हुसैनी की नदवतुल उलेमा, लखनऊ यात्रा; पदाधिकारियों और परिजनों से व्यक्त की संवेदना

मौलाना सैयद सादिक़ हुसैनी ने आगे कहा कि मोहतमिम मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी जैसी विद्वान हस्तियां उम्मते-मुस्लिमा के लिए अनमोल पूंजी होती हैं। उनके जीवन का अध्ययन इस सच्चाई को उजागर करता है कि शैक्षिक सेवाएं, धार्मिक शिक्षा का प्रचार-प्रसार और विभिन्न शैक्षिक एवं वैचारिक वर्गों के बीच संबंधों को मजबूत करना, मुस्लिम समुदाय की एकता और आपसी समझ-बूझ के लिए बुनियादी महत्व रखता है।

मौलाना सईदुर्रहमान आज़मी नदवी के निधन पर मौलाना सय्यद सादिक़ हुसैनी की नदवतुल उलेमा, लखनऊ यात्रा; पदाधिकारियों और परिजनों से व्यक्त की संवेदना

मुलाकात के अंत में दिवंगत मौलाना की शैक्षिक एवं धार्मिक सेवाओं को याद करते हुए उनकी मगफिरत और बुलंद दर्जात के लिए दुआ की गई। साथ ही उनके परिजनों के लिए सब्र-ए-जमील की दुआ और शुभकामनाएं व्यक्त की गईं।

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