हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने गुरुवार को कृषि मंत्री से मुलाकात के दौरान देश की सुरक्षा और स्थिरता में जनता की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा कि अल्लाह तआला ने देश की सुरक्षा को जनता के सहयोग से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि अल्लाह तआला ईमान वाले इंसान को अपने से अलग नहीं समझता, बल्कि उसे ‘यदुल्लाह’ यानी ‘अल्लाह का हाथ’ कहता है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति वास्तविक बंदगी को समझ लेता है, वह खुद को अल्लाह तआला से अलग नहीं समझता और अल्लाह तआला भी उसे अपनी शक्ति और मदद का माध्यम बनाता है। ऐसे लोग अल्लाह के सच्चे बंदे होते हैं।
आयतुल्लाह जवादी आमोली ने आगे कहा कि इंसान को ऐसे मक़ाम तक पहुंचने का प्रयास करना चाहिए, जहां उसके सभी कार्य अल्लाह तआला की पुष्टि और मदद से अंजाम पाएं।
उन्होंने इस्लामी क्रांति और आठ साल के पवित्र रक्षा युद्ध को अल्लाह तआला की मदद और जनता की मौजूदगी के स्पष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इस्लामी क्रांति भी इसी तरह सफल हुई और आठ साल का युद्ध भी इसी भावना के साथ लड़ा गया।
उन्होंने कहा कि आठ साल का युद्ध वास्तव में एक अंतरराष्ट्रीय युद्ध था, लेकिन जनता की मौजूदगी और अल्लाह तआला पर भरोसे के कारण देश सफल रहा। उन्होंने कहा कि जब जनता इसी ईमानी ताकत के साथ मैदान में मौजूद रहती है, तो देश सफलता हासिल करता है।
आपकी टिप्पणी