आयतुल्लाह जवादी आमूली (110)
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उलेमा और मराजा ए इकरामक्या अईम्मा मासूमीन (अ) इमाम ए ज़मान (अ) के ज़हूर का वक़्त जानते थे?
हौज़ा / इमाम ए अस्र अ.स.के ज़ुहूर का वक़्त अल्लाह तआला के असरार में से है, और उसके लिए वक़्त मुक़र्रर करना एक बातिल अमल है जिससे इमाम ए मासूमीन अ.स.ने सख़्ती के साथ मना फ़रमाया है। यह मुमानअत…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोलीः
उलेमा और मराजा ए इकरामअमेरिका जैसे देश के खिलाफ़ ईरान ज्ञान, कला, संस्कृति और कल्चर से भरपूर है
हौज़ा हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहाः यह समझना ज़रूरी है कि दुशमनो की योजनाएँ कहा और किस प्रकार तरतीब दी जाती है। हमे अमल के मैदान से आगे बढ़कर काम करना होगा और दुशमन के मरकज़ी वार…
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उलेमा और मराजा ए इकरामआयतुल्लाह जवादी आमोली के बयानात में साहिब ए जवाहिर (रह.) की इल्मी इज़मत व मुकाम
हौज़ा / जहां बहुत से मसाइल जटिल होते हैं और कई कठिनाइयां होती हैं, वहां दूसरे लोग और इसी तरह और इस प्रकार" कहकर आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन वहां साहिब-ए-जवाहिर कुछ देर ठहरते हैं और गहराई से विचार…
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आयतुल्लाह जावादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामजो भी सत्य के विरोध में खड़ा होगा, निश्चित रूप से पराजित होगा
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाह जावादी आमोली ने कहा: कोई भी व्यक्ति जो सत्य के विरोध में खड़ा होगा, निश्चित रूप से पराजित होगा, लेकिन साथ ही, इस ब्रह्मांडीय व्यवस्था में प्रत्येक मनुष्य का यह दायित्व…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामईरानी बा इज़्ज़त और बा शऊर जनता ने अपने बुजुर्गो और विद्वानो की माअइयत मे इक़्तेदार और वक़ार को हासिल किया
हौज़ा हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहाः इस्लामी गणतंत्र ईरान की बा इज़्ज़त और बा शऊर जनता जिसने बुर्ज़गो और विद्वानो की माउइयत मे इस इक़्तेदार और वक़ार को हासिल किया है। अल्लाह तआला…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामअल्लाह ने दुआ और मुनाजात के माध्यम से ईरान की महानता को सुरक्षित रखा है
हौज़ा / क़ुम अल मुक़द्देसा मे आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने दर्से अखलाक़ के दौरान इस्लामी गणतंत्र ईरान की महानता और इस्तिक़लाल पर प्राकश डाला। उन्होने कहा कि ईरानी समाज एक सम्मानित समाज है,…
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ٰआयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोलीः
उलेमा और मराजा ए इकरामइस्लामी गणतंत्र ईरान का निज़ाम अल्लाह की अमानत है फ़तवा यही है कि दंगाईयो और ग़बन करने वालो के रुस्वा करें
हौज़ा हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहाः इस्लामी गणतंत्र ईरान का निज़ाम एक इलाही नेमत है जो आजकल हमारे हाथो मे है और इंशाल्लाह हज़रत वील अस्र (अ) के ज़ोहूर तक सुरक्षित रहेगा यहा तक…
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ٰआयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोलीः
उलेमा और मराजा ए इकरामशांति और सुकून अज़ीम इलाही नेमतो मे से है / देश की सलामती के लिए खुसूसी दुआओ की अपील
हौज़ा /मौजूदा समय की अज्ञानता यह है कि दिन दहाड़े किसी देश के अधिकारी का अपहरण कर ले, अज्ञानता यह है कि खुद ही एक देश पर हमला करके सीज़ फॉयर का भी तक़ाज़ा करो, अज्ञानता वह है जो आप ग़ज़्ज़ा वगैरा…
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आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोलीे:
उलेमा और मराजा ए इकरामज़ुल्म;जहालत की पहचान है और निजात का एकमात्र रास्ता क़ुरआन, इतरत और विलायत-ए-इलाही हैं
हौज़ा / मंगलवार को हज़रत फ़ातेमा मासूमा सलामुल्लाह अलैहा के हरम में मस्जिद-ए-आज़म में हफ़्तावार दरस-ए-अख़लाक़ के दौरान आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा कि आज दुनिया में होने वाले बहुत से…
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उलेमा और मराजा ए इकरामतौहिद हक़ीकी इंसान को मानसिक तनाव से बचाती है।आयतुल्लाहिल जवाद़ी आमोली
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जवाद़ी आमोली ने इमाम मुहम्मद तक़ी अ.स.की हदीसों की रोशनी में तौहीद के सामाजिक असरात बयान करते हुए कहा कि अल्लाह की रज़्ज़ाक़ियत पर पूरा भरोसा इंसान को घबराहट, गलत मआशी…
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उलेमा और मराजा ए इकरामबद गुमानी और बेबुनियाद उम्मीद, दोनों ही समाज में गिरावट की वजह हैं: आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली
हौज़ा/ इस्लाम के नज़रिए से, समाज की सेहत ज़्यादा और ज्यादतियों से बचने में है। न तो बहुत ज़्यादा शक सही है और न ही बेबुनियाद उम्मीद; दोनों ही समाज के लिए नुकसानदायक हैं। पवित्र कुरान, अंदाज़े…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामहज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ.की इबादत बेमिसाल है
हौज़ा/ आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने अपने एक बयान में हज़रत फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा की इबादत के मक़ाम को बेहद बुलंद करार दिया।
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोलीः
उलेमा और मराजा ए इकरामजो कोई अपने माता-पिता को दुःखी करता है, वह अपने आप को माता-पिता का अवज्ञाकारी बनाता है
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाह जवादी आमिली ने रसूल अक़रम (सल्लल्लाहो अलैहे व आलेहि वसल्लम) की हज़रत अली (अलैहिस्सलाम) को वसीयत में माता-पिता और संतान के अधिकार बताते हुए फरमाया: जो भी अपने माता-पिता…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामअगर हौज़ा और यूनिवर्सिटी धर्मनिष्ठा के मार्ग पर चलते रहेंगे तो समाज भी सुधार के मार्ग पर आगे बढ़ेगा
हौज़ा / आयतुल्लाहfल उज़्मा जवाद आमोली ने फ़रमाया कि तक़वा, तौहीद, अक़्लानियत और अद्ल ही वे बुनियादें हैं जो न सिर्फ़ मुआशरे बल्कि हौज़ा और यूनिवर्सिटी को भी संभाले रखती हैं। अगर ये दोनों इल्मी…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जावादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामइस्लामी निज़ाम को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी अमल या बयान जहालत का उदाहरण है
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जावादी आमोली ने कहा,इमामत और उम्मत की व्यवस्था में सामाजिक और धार्मिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि अज्ञानता को पहचाना जाए और उसे समाप्त किया जाए। कोई भी…
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उलेमा और मराजा ए इकरामदिल की बसीरत ही हक़ीक़ी मारफ़त का स्रोत हैः आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा कि अल्लाह तआला ने इंसान को सिर्फ़ सुनने और समझने का नहीं बल्कि “देखने” का भी उत्तरदायी बनाया है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि असली मारफ़त ज्ञान…
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उलेमा और मराजा ए इकरामदिल की बसीरत ही वास्तविक ज्ञान का स्रोत है।आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली ने कहा कि अल्लाह तआला ने इंसान को सिर्फ सुनने और समझने का ही नहीं बल्कि देखने का भी मुकल्लफ़ बनाया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हक़ीक़ी मआरिफ़त केवल पढ़ाई…
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हजरत आयतुल्लाह जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामबेदारी मारफ़त और मुराक़ेबा की मोहताज है / इंसान को अपने हर काम में सावधान रहना चाहिए
हौज़ा / हजरत आयतुल्लाह जवादी आमोली ने कहा: जो व्यक्ति अपने दिल को लापरवाही से, अपनी नफ़्स (आत्मा) को हवस से, अपने सोचने-समझने वाले दिमाग को असली जंगलीपन से और अपने अमली दिमाग को व्यवहार में जंगलीपन…
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उलेमा और मराजा ए इकरामअहले इल्म के लिए आयतुल्लाह जवादी आमोली की नसीहत:अगर पढ़ा न सके तो उम्र बर्बाद कर दी!
हौज़ा / ईरान के हौज़ा ए इल्मिया के मशहूर कुरआन के मुफ़स्सिर आयतुल्लाहिल उज़मा जावादी आमुली ने तालिबे इल्म और बुद्धिजीवियों को सलाह देते हुए कहा कि अगर कोई शख्स इल्म हासिल करे लेकिन दूसरों को…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोलीः
उलेमा और मराजा ए इकरामहौज़ा ए इल्मिया और विश्वविद्यालयों का काम अज्ञानता मिटाना है
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाह जवादी आमोली ने कहा: जो व्यक्ति लापरवाह हो और बिना सोच-विचार के कोई कदम उठाए, उसे पछतावे के सिवा कुछ नहीं मिलेगा; लेकिन जो व्यक्ति एहतियात, दूरअंदेशी और समझ-बूझ का मालिक…
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हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामहम अहले बैत अ.स. जैसे तो नहीं हो सकते मगर उनके मक़तब के शागिर्द बन सकते हैं
हौज़ा / क़ुम अल मुक़द्देसा, हरम ए हज़रत ए मासूमा सल्लल्लाहु अलैहा में स्थित मस्जिद-ए-आज़म में अपने साप्ताहिक दर्स-ए-अख़लाक़ में आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा कि कुरआन और अहले-ए-बैत अलैहिमुस्सल…
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उलेमा और मराजा ए इकरामसमाज ज्ञान से नहीं, बल्कि नैतिकता से संचालित होता है: आयतुल्लाह जवादी आमोली
हौज़ा/ आयतुल्लाह जवादी आमोली ने "नैतिकता नामक कीमिया" विषय पर अपने व्याख्यान में कहा कि समाज की नींव ज्ञान पर नहीं, बल्कि नैतिकता पर आधारित है। पैगंबर मुहम्मद (स) ज्ञान में अद्वितीय थे, लेकिन…
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आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली:
दुनियाकमज़ोर और पस्त कौमे ही गैरों की गुलामी कबूल करती है/ मोमिन को ज़लील करने की इज़ाज़त नहीं है
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जावादी आमोली ने कहा कि सत्ता का वास्तविक अर्थ यह है कि इंसान अपनी संपत्ति पर और समाज अपने देश पर पूर्ण नियंत्रण रखे इसलिए कोई भी स्वाभिमानी राष्ट्र विदेशी दबाव और अपने…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामतक़्वा के बगै़र इल्म हकीकी हासिल नहीं होता
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली ने कहां,कई ऐसे उलूम होते हैं, चाहे वो हौज़ा में हों या विश्वविद्यालय में जो इसलिए कारगर नहीं होते क्योंकि वे केवल उस मूल सिद्धांत «مَن فَقَدَ حسّاً فَقَدْ…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामसच्ची आज़ादी लालच और वासना से मुक्ति में निहित है, आंतरिक गुलामी बाहरी गुलामी से ज़्यादा ख़तरनाक है
हौज़ा/ आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति लालच का आदी है, तो उसे समझ लेना चाहिए कि वह एक गुलाम है; इसलिए, दूसरों को आज़ाद करने से पहले, व्यक्ति को पहले खुद को आज़ाद करना…
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उलेमा और मराजा ए इकरामअम्र बिल मअरूफ और नही अनिल मुनकर आज़ादी के खिलाफ़ नहीं है।आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली ने अपने एक बयान में कहा कि आम्र बिल मआरूफ़ और नही अनिल मुनकर ऐसा इलाही फर्ज़ है जो न तो व्यक्तिगत या सामाजिक आज़ादी में बाधा है, न ही यह हिंसा, दूसरों को…
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आयतुल्लाहिल उज्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामइस्लामी व्यवस्था एक इलाही अमानत है/समाज का सुधार और वास्तविक प्रगति नैतिक शिक्षा से ही संभव है
हौज़ा/ आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की व्यवस्था एक इलाही अमानत है जो अंततः अपने असली मालिक तक पहुँचेगी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि समाज का सुधार और वास्तविक प्रगति…
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उलेमा और मराजा ए इकरामशियो का लक्ष्य वैश्विक व्यवस्था में सुधार लाना है: आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा है कि शियो की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ अपने क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका मुख्य मिशन वैश्विक स्तर पर सुधार और तत्परता लाना है। उनके अनुसार, यह महान…
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आयतुल्लाह जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामआलिम बनना पहला कदम है, मंज़िल या लक्ष्य नहीं / वास्तविक महत्व "इल्म से मालूम" की ओर हिजरत और हरकत की है
हौज़ा / दर्स पढ़ना और आलिम या आलाम या अधिक ज्ञानी बन जाना केवल एक छोटा पलायन और छोटा जिहाद है, क्योंकि व्यक्ति केवल अवधारणाओं और किताबी ज्ञान की सीमा तक आगे बढ़ता है। इससे ऊपर का चरण मध्यम पलायन…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामईरान ने सबसे कठिन परिस्थितियों में भी अपनी महानता साबित की है
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जावादी आमली ने कहा कि ईरान की महानता उसके इतिहास, संस्कृति और मौलिकता में छिपी हुई है यह वही राष्ट्र है जिसने आठ साल के युद्ध को सहन किया और सबसे बुरी परिस्थितियों…