आयतुल्लाह जवादी आमूली (59)
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ईरानआयतुल्लाह जवादी आमोली के कार्यालय में शहीद रहबर की याद में शोकसभा आयोजित
क़ुम मुक़द्दस में बुधवार, 15 जुलाई 2026 को इस्लामी क्रांति के शहीद सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामनेई और उनके परिवार के शहीद सदस्यों की याद में आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जावादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामजनता की मैदान में निरंतर मौजूदगी इलाही मदद की प्रतीक है, अमेरिका और इज़राइल ईरान के सामने अपमानित हुए
आयतुल्लाहिल उज़्मा जावादी आमोली ने कहा है कि इस्लामी क्रांति की सफलताएं जनता के ईमान, ईश्वरीय नेतृत्व और समर्पित संघर्ष करने वालों के बलिदानों का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि जनता की लगातार सक्रिय…
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ईराननमाज़ और तौहीद की वास्तविकता; आयतुल्लाह जवादी आमोली की इमामत में अदा की गई नमाज़े जनाज़ा से बंदगी का संदेश
मस्जिद-ए-मुक़द्दस जमकरान में आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली की इमामत में शहीद रहबर और उनके परिवार के सदस्यों की नमाज़े जनाज़ा केवल एक धार्मिक रस्म नहीं थी, बल्कि तौहीद, ईश्वर-भक्ति और पूर्ण मानव…
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गैलरीवीडीयो / क़ुम मे शहीद आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनेई के पार्थिव शरीर पर आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली द्वारा अदा की गई नमाज़े जनाज़ा
इमाम शहीद, इस्लामी क्रांति के शहीद नेता और उनके परिवार के शहीद सदस्यों के पवित्र पार्थिव शरीर पर आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली द्वारा मस्जिद ए जमकरान में अदा की गई नमाज़ ए जनाज़ा का पूरा वीडियो।
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ईरानपल-पल की रिपोर्ट: क़ुम में "इमाम शहीद" को अंतिम विदाई और अंतिम यात्रा / "शहीद" के समर्थकों का प्रदर्शन + तस्वीरें और वीडियो
आख़िरकार वह समय आ गया जब "आका-ए-शहीद" की मस्जिद ए जमकरान में अंतिम उपस्थिति होगी और इस्लामी उम्मत क़रीमा-ए-अहले बैत (स) की धरती पर उनसे अंतिम मुलाक़ात करेगी। ये पल सभी के लिए अत्यंत दुखद बताए…
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उलेमा और मराजा ए इकरामअगर नमाज़ तुम्हारे लिए कठिन है, तो इसका मतलब है कि तुम्हे अल्लाह से लगाव नहीं है
नमाज़ में कठिनाई और ऊब का कारण यह है कि इंसान को अल्लाह से लगाव नहीं है। जैसे किसी अजनबी व्यक्ति से बात करना थका देने वाला होता है, वैसे ही जिन लोगों को लगाव नहीं होता, उनके लिए इबादत भी कठिन…
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उलेमा और मराजा ए इकरामआयतुल्लाह फ़य्याज़ के निधन पर आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली की संवेदना
आयतुल्लाह जवादि आमोली ने नजफ़ अशरफ़ के प्रमुख मरजअ ए तक़लीद आयतुल्लाहिल उज़्मा फ़य्याज़ के निधन पर शोक व्यक्त किया और संवेदना प्रकट की।
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामविश्वविद्यालयों में इस्लामी फलसपा पढ़ाया जाए / माद व मौत के बाद के जीवन का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाह जवादी आमोली ने विश्वविद्यालयों में पाश्चात्य दर्शन की व्यापक उपस्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा, विश्वविद्यालयों में दर्शन शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैकल और कांट जैसे…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामअरफ़ा के दिन दूसरों के लिए दुआ करें
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने अपने एक बयान में अरफ़ा के दिन की आध्यात्मिक महानता और अहले बैत (अ.स.) के सच्चे अनुयायियों के नैतिक चरित्र की ओर इशारा करते हुए कहा कि धर्म के बुजुर्ग…
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उलेमा और मराजा ए इकरामआयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली: अरफ़ा के दिन दूसरों के लिए दुआ करें
आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली ने अपने एक बयान में अरफ़ा के दिन की आध्यात्मिक महानता और अहले-बैत (अ) के सच्चे अनुयायियों के नैतिक चरित्र की ओर इशारा करते हुए कहा कि धर्म के बुज़ुर्ग अरफ़ा के दिन…
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उलेमा और मराजा ए इकरामहम दुनिया और आख़िरत में अहले-बैत (अ) के साथ कैसे रह सकते हैं?
हज़रत आयतुल्लाह जवादी आमोली ने फ़रमाया: इमाम का पद प्राप्त करना संभव नहीं है, लेकिन उनके शिष्यों का पद प्राप्त करना सम्भव है। वे शिष्य भी सामान्य लोग थे जो इस पद पर पहुँचे।
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उलेमा और मराजा ए इकरामदहवुल अर्ज़ बहुत बरकत वाला दिन है: आयतुल्लाह जवादी आमोली
आयतुल्लाहिल उज़मा जवादी आमोली ने कहा है कि दह्वुल अर्ज़ वर्ष के अत्यंत बरकत वाले दिनों में से है, क्योंकि इसी दिन काबा की भूमि प्रकट हुई और फैली।
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भारतइल्म व अमल;कामयाबी का असल रास्ता हैं
हौज़ा / शहीद रहबर आयतुल्लाह सैयद अली हुसैनी ख़ामेनेई रहमतुल्लाह अलैह के इरशादात नौजवान नस्ल के लिए एक कामिल रहनुमाई फराहम करते हैं। आपकी नसीहतों का मरकज़ी नुकता यह है कि नौजवान अपनी ज़िंदगी के…
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उलेमा और मराजा ए इकरामअहंकारी से वार्ता असंभव सपना है, केवल संघर्ष ही रास्ता है
हज़रत इमाम खुमैनी (र) से बढ़कर किसी ने भी अहंकार और वर्चस्व के खतरे को नहीं समझा। वह कुफ्र की निंदा करते थे, लेकिन कहते थे: "यदि कोई 'काफ़िर' अपने कुफ्र की सीमा का उल्लंघन न करे, तो उसके साथ…
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उलेमा और मराजा ए इकरामपोप के अपमान पर आयतुल्लाह जवादी आमोली की प्रतिक्रिया / विश्व के धार्मिक नेताओं की गरिमा संरक्षित की जानी चाहिए
हज़रत आयतुल्लाह जवादी आमोली ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा विश्व के कैथोलिक धर्म के सर्वोच्च नेता पोप लियो चौदहवें के प्रति किए गए अपमान पर संदेश में खेद व्यक्त किया है और ईसाई समुदाय तथा विश्व…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामहम ईरान की महान जनता के सामने अपनी छोटाई का इज़हार करते हैं
हज़रत आयतुल्लाह जवादी आमोली ने इस्लामी ईरान की शहीद-परवर जनता को संबोधित करते हुए कहा: आप लोग इब्राहीम की संतान हैं, पैग़म्बरज़ादे हैं, रसूलज़ादे हैं, महान लोगों की संतान हैं, सम्मानित हैं।…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामजब सच्चा इस्लाम फैलेगा तो वहाबियत अपने आप समाप्त हो जाएगी
आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा कि बक़ीअ में इमामों की बरकत वाली मज़ारों की दिल दहला देने वाली, दर्दनाक और अफसोसनाक विध्वंस, जो वहाबियों के हाथों हुई, इस संबंध में यह बात अत्यंत महत्वपूर्ण…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामअल्लाह तआला ने पाखंडियों के साथ "विशेष जिहाद" का आदेश दिया है
हज़रत आयतुल्लाह जवादी आमोली ने जोर देकर कहा कि अल्लाह तआला पाखंडीयो के सामाजिक व्यवहार की कड़ी आलोचना करता है और उनके साथ "विशेष जिहाद" का आदेश दिया है।
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धार्मिकरमज़ान अल मुबारक के सत्रहवें दिन की दुआ
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह (स) ने यह दुआ बयान फ़रमाई हैं।
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोलीः
उलेमा और मराजा ए इकराम"इस समय इमाम ज़ामाना (अ) का संदेश यह हैः "इज़रायलीयो और अत्याचारी अमेरिका के खिलाफ़ युद्ध करो उसका खून मेरे ज़िम्मे
आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने अपने एक संदेश मे कहा है कि इस समय हम एक बड़ी परीक्षा के मुहाने पर खड़े है। उनका कहना था कि"इस समय इमाम ज़ामाना (अ) का संदेश यह हैः "इज़रायलीयो और अत्याचारी अमेरिका…
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धार्मिकदुआ और मुनाजात इंसान को सुरक्षित रखा है।आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने दर्से अखलाक़ के दौरान कहां, ईरानी समाज एक सम्मानित समाज है, अल्लाह तआला ईरान की महानता को इस राष्ट्र की दुआओ के माध्यम से सुरक्षित रखेगा।
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धार्मिकरमज़ान अल मुबारक के चौदहवें दिन की दुआ
हज़रत रसूल अल्लाह (स) ने यह दुआ बयान फ़रमाई हैं।
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उलेमा और मराजा ए इकरामएकता बनाए रखना सर्वोच्च नेता की महत्वपूर्ण सलाह थी
हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहाः इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर ने अपना धन्य जीवन इस्लाम के संरक्षण, मुसलमानो के सम्मान और देश की संप्रभुता की रक्षा मे खर्च किया। आपकी महत्वपूर्ण…
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हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मुफीद हुसैनी कोहसारी:
उलेमा और मराजा ए इकरामईरान और हौज़ा ए इल्मिया को दुनिया भर में कुरान की व्याख्या के महत्वपूर्ण केंद्रो में माना जाता है
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन सय्यद मुफीद हुसैनी कोहसारी ने कहा: कुरान की डिप्लोमेसी को बढ़ावा देने के लिए कई एक्टिविटी चल रही हैं। इनमें से एक ज़रूरी कदम पवित्र कुरान की काबिलियत को अलग-अलग भाषाओं…
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उलेमा और मराजा ए इकराममाहे रमज़ानुल मुबारक में तफ़्सीर का दरस अनिवार्य किया जाए। आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने मुबल्लिग़ीन को ताकीद की है कि वे अपनी तब्लीगी सरगर्मियों के दौरान दुरूस-ए-तफ़्सीर को ज़रूर शामिल करें ताकि समाज में क़ुरआन ज़िंदा रहे।
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धार्मिकहम इमाम ए ग़ाइब के मुश्ताक़ हैं या इमाम ए क़ाइम के?
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा,कुछ लोगों को 'ग़ाइब-ए-आले मुहम्मद (स.ल.व.)' पसंद हैं, न कि 'क़ाइम-ए-आले मुहम्मद (स.ल.व.) जबकि असली मुंतज़िर वह हैं जो ज़हीद और तक़्वा के साथ-साथ…
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उलेमा और मराजा ए इकरामक्या अईम्मा मासूमीन (अ) इमाम ए ज़मान (अ) के ज़हूर का वक़्त जानते थे?
हौज़ा / इमाम ए अस्र अ.स.के ज़ुहूर का वक़्त अल्लाह तआला के असरार में से है, और उसके लिए वक़्त मुक़र्रर करना एक बातिल अमल है जिससे इमाम ए मासूमीन अ.स.ने सख़्ती के साथ मना फ़रमाया है। यह मुमानअत…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोलीः
उलेमा और मराजा ए इकरामअमेरिका जैसे देश के खिलाफ़ ईरान ज्ञान, कला, संस्कृति और कल्चर से भरपूर है
हौज़ा हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहाः यह समझना ज़रूरी है कि दुशमनो की योजनाएँ कहा और किस प्रकार तरतीब दी जाती है। हमे अमल के मैदान से आगे बढ़कर काम करना होगा और दुशमन के मरकज़ी वार…
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उलेमा और मराजा ए इकरामआयतुल्लाह जवादी आमोली के बयानात में साहिब ए जवाहिर (रह.) की इल्मी इज़मत व मुकाम
हौज़ा / जहां बहुत से मसाइल जटिल होते हैं और कई कठिनाइयां होती हैं, वहां दूसरे लोग और इसी तरह और इस प्रकार" कहकर आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन वहां साहिब-ए-जवाहिर कुछ देर ठहरते हैं और गहराई से विचार…
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आयतुल्लाह जावादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामजो भी सत्य के विरोध में खड़ा होगा, निश्चित रूप से पराजित होगा
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाह जावादी आमोली ने कहा: कोई भी व्यक्ति जो सत्य के विरोध में खड़ा होगा, निश्चित रूप से पराजित होगा, लेकिन साथ ही, इस ब्रह्मांडीय व्यवस्था में प्रत्येक मनुष्य का यह दायित्व…