हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप के कई देशों में ज़ेन जी के विरोध प्रदर्शनों की लहर फैल रही है और फ्रांस इन घटनाक्रमों के केंद्र में है। यूनान में छात्रों और शिक्षकों के प्रदर्शनों के साथ ही फ्रांसीसी सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए राजनीतिक समाधान तलाश रही है और प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है।
फ्रांस के साथ-साथ यूनान, स्पेन, पुर्तगाल और इटली में भी ज़ेन जी बड़े पैमाने पर संगठित होकर सामने आई है। कल एथेंस और थेसालोनिकी में हाई स्कूल के छात्र और शिक्षक फ्रांस के प्रदर्शनों से प्रेरित होकर सड़कों पर उतरे और जीवन-यापन की बढ़ती लागत तथा स्कूलों की स्थिति के खिलाफ विरोध जताया।
फ्रांस में सरकार इस स्थिति का राजनीतिक समाधान तलाशने की कोशिश कर रही है। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने राजनीतिक दलों और पेरिस, लियोन तथा बोर्डो के महापौरों से मुलाकात की है।
इसके अलावा, उन्होंने शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के लिए व्यापक सुरक्षा उपायों की तैयारी की है। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि केवल उन्हीं प्रदर्शनों की अनुमति दी जाएगी, जिनका आयोजन श्रमिक और पेशेवर संघों द्वारा किया गया हो।
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