हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार,उत्तर प्रदेश के ज़िला बिजनौर के छज्जुपुरा सादात के इमाम जुमा हुज्जतुल इस्लाम सय्यद महदी अब्बास ज़ैदी ने उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद ज़िले में कर्बला ए इमाम हुसैन (अ) को जलाने की घटना की कड़ी निंदा की है।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि कर्बला इमाम हुसैन (अ) एक पवित्र जगह है जो हर इंसान को एकता, भाईचारे और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ खड़ा होना सिखाती है। इस जगह के प्रति सिर्फ़ मुसलमान ही नहीं बल्कि गैर-मुसलमान भी अकीदत रखते हैं। ऐसी पवित्र और पवित्र जगह को जलाना बहुत दुखद और चिंता की बात है।
उन्होंने कहा कि धर्म कभी नफ़रत नहीं सिखाता बल्कि प्यार, सहनशीलता और आपसी सम्मान सिखाता है। ऐसी शरारती हरकतें देश के भाईचारे को नुकसान पहुंचाती हैं और कुछ लोगों की ये हरकतें देश की खुशहाली और सामाजिक मेलजोल को प्रभावित करने की कोशिश हैं।
मौलाना सययद मेहदी अब्बास ज़ैदी ने कहा कि भारत एक ऐसी धरती है जहां गंगा और यमुना संस्कृति सदियों से अलग-अलग धर्मों और देशों को प्यार के धागे में पिरोती आ रही है। इस ज़मीन पर कर्बला जैसी पवित्र जगहें हैं जो हज़ारों लोगों की श्रद्धा का केंद्र हैं। ऐसी घटनाएं सामाजिक एकता और आम सोच को कमज़ोर करती हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं की तरफ़ से इस शर्मनाक घटना की कड़ी निंदा की और उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित प्रशासन से शरारती तत्वों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने की मांग की ताकि देश में भाईचारा और आपसी प्यार बना रहे।
आखिर में, उन्होंने दुआ की कि अल्लाह भारत को दुश्मनों की बुराई और देशद्रोह से बचाए और देश के बीच एकता और एकजुटता को मज़बूत करे।
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