अहलेबैत (12)
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धार्मिकक्या अहले बैत (अ) से प्रेम केवल हृदय की भावना और भावनात्मक लगाव है या एक धार्मिक कर्तव्य?
शिया फ़िक़्ह में 'तवल्ला' और 'तबर्रा' केवल नैतिक सलाह नहीं हैं, बल्कि नमाज़ और रोज़े की तरह एक धार्मिक कर्तव्य हैं।
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दुनियाशेख इब्राहीम ज़कज़ाकी का छात्रों को संबोधन; शहीदों के मिशन को आगे बढ़ाने और अहले बैत (अ) की शिक्षाओं के प्रचार पर जोर
नाइजीरिया के इस्लामिक मूवमेंट के नेता शेख इब्राहीम ज़कज़ाकी ने कर्बला के हौज़ा-ए-इल्मिया में अध्ययनरत छात्रों से मुलाकात के दौरान कहा कि शहीदों का मार्ग इस्लाम की प्रतिष्ठा और बुलंदी का मार्ग…
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उलेमा और मराजा ए इकरामआयतुल्लाह आरिफ़ी का “शहीद नेता (र)” की अंतिम यात्रा के अवसर पर स्वतंत्र और जागरूक राष्ट्रों के नाम संदेश
शहीद नेता (र) की अंतिम यात्रा को एक अनोखी, बेमिसाल और समय व स्थान से परे घटना के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए। इस्लामी जगत की अग्रणी हस्तियाँ, वैश्विक प्रतीक, उम्मत के प्रभावशाली मीडिया, उलमा,…
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भारतमौलाना सलमान नदवी साहस और दूरदर्शिता के उज्ज्वल दीप थे: मौलाना सय्यद करामत हुसैन जाफ़री
प्रसिद्ध लेखक हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सय्यद करामत हुसैन शऊर जाफ़री ने क़ुरआन के प्रतिष्ठित अहले-सुन्नत व्याख्याकार और इस्लामी चिंतक मौलाना सय्यद सलमान हुसैनी नदवी के निधन पर गहरा दुःख और शोक व्यक्त…
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धार्मिकआशूरा: हक़ और बातिल के संघर्ष में वफ़ादारी, त्याग और बलिदान की अमर गाथा
यौमे-आशूरा, इस्लामी इतिहास का वह महान दिन है जब हज़रत इमाम हुसैन (अ) और उनके वफ़ादार साथियों ने कर्बला के मैदान में सत्य, न्याय और इस्लाम की प्रतिष्ठा के लिए अद्वितीय बलिदान देकर अत्याचार और…
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धार्मिकज़ियारत-ए-आशूरा | ज़ालिम लोग लानत के हक़दार क्यों हैं?
ज़ियारत-ए-आशूरा में “लानत” का मतलब गाली देना नहीं है, बल्कि ज़ालिमो को अल्लाह की रहमत से दूर करने की दुआ करना है। यह लेख बताता है कि किस तरह अहले-बैत (अ) से खिलाफत छीन लेना, उनके विरुद्ध सभी…
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गैलरीफ़ोटो / कारगिल मे मरकज़ी जश्न ए ग़दीर का शानदार आयोजन, अहले बैत (अ) की विलायत से निष्ठा का नवीनीकरण
कारगिल (लद्दाख) के मुसल्ला इमाम में, इमाम खुमैनी मेमोरियल ट्रस्ट के अधीन केंद्रीय ईद-ए-ग़दीर का कार्यक्रम बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मोमिनों…
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धार्मिकहमने कुरान को चूम कर रख दिया, हमने जीना नहीं सीखा
कुरआन को छोड़ना (हिज्र) सिर्फ़ पढ़ना छोड़ना नहीं है, बल्कि कुरान के मतलब समझने, उसके हुक्म पर चलने और ज़िंदगी के हर मामले में उसे गाइड करने से बचना भी है।
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धार्मिकअहले बैत की मोहब्बत के करीब जाने का तरीका
हौज़ा/ इमाम महदी (अ) ने एक रिवायत में अहले बैत (अ) की मोहब्बत के करीब जाने का मुख्य मानक की ओर इशारा किया हैं।
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धार्मिकहिजाब और इस्लामी शिक्षाएँ
हौज़ा / इस्लाम में हिजाब सिर्फ़ कपड़ों का नाम नहीं है, बल्कि शर्म, इज़्ज़त, नज़र की पवित्रता और नैतिक सुरक्षा का एक पूरा सिस्टम है, जो मर्दों और औरतों दोनों के लिए है।
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धार्मिकअल्लाह के कलाम और तफ़सीर में हज़रत ज़हरा (स) की शान
हौज़ा/हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) पैगंबरों के सरदार और दुनिया पर रहम करने वाले की बेटी हैं, सय्यद अल-औसिया इमाम अली (अ) की पत्नी और इमाम हसन और इमाम हुसैन अ) की माँ हैं। वह काबा की साथी हैं, पाँच…
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गैलरीवीडियो / अहले-बैत (अ) के साथियों की विशेषताएँ
वीडियो / हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन महमूदी ने अहले बैत (अ) के साथियो की विशेषताओ पर प्रकाश डाला।