बुधवार 1 जुलाई 2026 - 18:28
आयतुल्लाह आरिफ़ी का “शहीद नेता (र)” की अंतिम यात्रा के अवसर पर स्वतंत्र और जागरूक राष्ट्रों के नाम संदेश

शहीद नेता (र) की अंतिम यात्रा को एक अनोखी, बेमिसाल और समय व स्थान से परे घटना के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए। इस्लामी जगत की अग्रणी हस्तियाँ, वैश्विक प्रतीक, उम्मत के प्रभावशाली मीडिया, उलमा, विद्वान, मुजाहिदीन और दुनिया के स्वतंत्र लोगों का यह जमावड़ा इस बात में मददगार होगा कि यह घटना वैश्विक स्तर पर अपनी रोशनी फैलाए और शहीद नेता (र) के महान संदेश सभी महाद्वीपों, विशेषकर इस्लामी दुनिया तक पहुँच सकें।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हौज़ा इल्मिया के प्रमुख आयतुल्लाह अली रज़ा आरिफ़ी ने शहीद नेता (र) की अंतिम यात्रा के अवसर पर स्वतंत्र और जागरूक राष्ट्रों के नाम एक संदेश भेजा है। इस महत्वपूर्ण और रणनीतिक संदेश का सार निम्न है:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

وَلَا تَحْسَبَنَّ الَّذِینَ قُتِلُوا فِی سَبِیلِ اللَّهِ أَمْوَاتًا بَلْ أَحْیَاءٌ عِنْدَ رَبِّهِمْ یُرْزَقُونَ जो लोग अल्लाह की राह में शहीद किए गए हैं उन्हें मृत न समझो, बल्कि वे अपने रब के पास जीवित हैं और उन्हें रोज़ी दी जाती है।”

مِنَ الْمُؤْمِنِینَ رِجَالٌ صَدَقُوا مَا عَاهَدُوا اللَّهَ عَلَیْهِ فَمِنْهُم مَّن قَضَیٰ نَحْبَهُ وَمِنْهُم مَّن یَنتَظِرُ وَمَا بَدَّلُوا تَبْدِیلًا ईमान वालों में ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने अल्लाह से किए अपने वादे को सच्चा साबित किया; उनमें से कुछ अपना वादा पूरा कर चुके और शहीद हो गए और कुछ प्रतीक्षा में हैं, और उन्होंने कोई परिवर्तन नहीं किया।”

महान इस्लामी उम्मत, दुनिया के स्वतंत्र लोगों और मजलूमों, जागरूक राष्ट्रों और पूरी दुनिया के जागरूक जमीरों के नाम

आज पूरी इस्लामी दुनिया, बल्कि न्याय और इंसाफ की प्यास रखने वाली पूरी मानवता, एक ऐसी हस्ती के शोक में है जो किसी एक सीमा या राष्ट्र की नहीं बल्कि इस्लामी उम्मत की साझा पूंजी और नबियों व औलिया के मार्ग का वारिस था। बुद्धिमान नेता, उच्च मरजाअ और इस्लामी क्रांति के नेता हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा इमाम खामेनेई (र) की अत्यंत पीड़ादायक शहादत कोई ऐसा घटना नहीं जिसे सीमित भौगोलिक दायरे में समझा जाए। इसे इस्लामी दुनिया के व्यापक मानकों और मानव इतिहास के परिवर्तन के दृष्टिकोण से देखना चाहिए। वह महान हस्ती अनेक गुणों और विशेषताओं के ऐसे समूह थे, जिनकी अद्वितीय शख्सियत के प्रकाश ने ईरान और दुनिया में चमक पैदा की, वैश्विक संतुलनों को बदल दिया और इस्लामी उम्मत की उन्नति और महानता का कारण बने।

शहीद नेता (र) वैश्विक सोच के लिए एक आदर्श थे। उनकी सोच ने राष्ट्रीय सीमाओं को तोड़ा और एक वैश्विक संवाद स्थापित किया, जिसमें साझा मानवीय मूल्य, इंसान का सम्मान, न्याय और अत्याचार के खिलाफ प्रतिरोध को एक सार्वभौमिक भाषा मिली। वे वैश्विक चुनौतियों और खतरों को गहराई से समझते थे और सभ्यताओं के युग के अनुसार भाषा का उपयोग करते थे।

उन्होंने जो इलाही विचार प्रस्तुत किया वह एक वैश्विक मुक्ति देने वाला विचार था, जो ईमान को राष्ट्रों की आज़ादी की शक्ति में बदल देता है। उनकी धार्मिक नेतृत्व प्रणाली भी इसी दिशा में थी—एक ऐसी मरजेईयत जिसने फ़िक़्ह को ऐतिहासिक जिम्मेदारी और उम्मत के दर्द से जोड़ा। वे राष्ट्र के पिता, प्रतिरोध के ढांचे की आत्मा, उम्मत के मार्गदर्शक और समुदाय की जान थे।

अमेरिका और इज़राइल के काले चेहरों द्वारा किया गया यह भयावह अपराध, जिसकी परिणति यह शहादत थी, यह समझकर किया गया था कि इससे इस आंदोलन, राष्ट्र और व्यवस्था को बड़ा झटका लगेगा और इसका अंत हो जाएगा। यहीं पर उनकी नेतृत्व क्षमता की महानता सामने आती है। उन्होंने वर्षों तक उम्मत और व्यवस्था का निर्माण किया था; लोगों को अपनी व्यक्तिगत शख्सियत से नहीं बल्कि अल्लाह, सिद्धांतों और महान लक्ष्यों से जोड़ा था। जो नेता अपनी व्यक्तिगत पहचान पर निर्भर होते हैं, उनके खत्म होने के साथ ही उनका पूरा ढांचा गिर जाता है, लेकिन शहीद नेता (र) की नेतृत्व शैली ऐसी थी कि दुश्मन की सभी रणनीतिक अपेक्षाओं के बावजूद व्यवस्था मजबूत और संगठित रूप से आगे बढ़ती रही। यह इस मार्ग की सच्चाई और गहराई का प्रमाण है।

हे जागरूक और समझदार उम्मत! इस पाक खून का बदला लेने की भावना दिलों में जीवित रहनी चाहिए—लेकिन केवल भावनात्मक रूप में नहीं, बल्कि उसी मार्ग पर आगे बढ़ने के संकल्प के रूप में जिसे इस महान हस्ती ने अपने खून से सींचा। शहीदों का खून रास्ते का दीपक है और उनके विचारों के प्रति वफादारी ही असली बदला है। उनका खून और बदला कोई भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि अत्याचार और साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष की निरंतरता है और प्रतिरोध मोर्चे का एक मूल कर्तव्य है।

आज हौज़ा, विश्वविद्यालयों, विद्वानों और मीडिया पर दोहरी जिम्मेदारी है। इस घटना को एक स्थायी सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और सभ्यतागत आंदोलन में बदलना होगा। हमारा कर्तव्य है कि हम सच्चाई को स्पष्ट करें, बौद्धिक विरासत की रक्षा करें, भविष्य का मार्ग निर्धारित करें और इस रास्ते को जारी रखें। इस्लामी इतिहास की महान हस्तियाँ एक स्थायी विचारधारा बन जाती हैं जिससे आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा लेती हैं।

शहीद नेता (र) के मार्ग की निरंतरता समय के वर्तमान रहबर-ए-फ़क़ीह की सच्ची और जागरूक पैरवी में है। हज़रत आयतुल्लाह सैय्यद मुज्तबा हुसैनी खामेनेई शहीद नेता (र) के विचार और नेतृत्व की निरंतरता का उज्ज्वल उदाहरण हैं।

हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि शहीद नेता (र) के दर्जे बुलंद करे, उन्हें औलिया के साथ मिला दे, उम्मत को सब्र और समझ दे, इस्लामी एकता को मजबूत करे, प्रतिरोध मोर्चे को शक्ति दे, राष्ट्रों को जागरूक बनाए और ईश्वरीय वादों की पूर्ति का मार्ग आसान करे।

रास्ता रोशन और कारवां आगे बढ़ रहा है।

وَاللَّهُ غَالِبٌ عَلَیٰ أَمْرِهِ وَلَٰکِنَّ أَکْثَرَ النَّاسِ لَا یَعْلَمُونَ

वस सलामो अला एबादिल लाहेस सालेहीन।

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