क़यामत (25)
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दिन की हदीसः
धार्मिकक़यामत के दिन शिकायत करने वाली तीन चीज़ें
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक हदीस में इन तीन चीज़ों का ज़िक्र किया है जो क़यामत के दिन लोगो की शिकायत करेंगी।
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धार्मिकमोमिन की मुशकिल का समाधान करने का महत्व
हौज़ा/ इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत मे मोमिन की मुशकिल का समाधान करने के महत्व की ओर इशारा किया है।
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धार्मिकअल्लाह की मख़लूक़ से भलाई का अज्र और मक़ाम
हौज़ा पैग़म्बर (स) ने एक रिवायत मे अल्लाह की मख़लूक़ की भलाई के लिए उठाए जाने वाले कदमो के अज्र और सवाब को बयान किया है।
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ईरानधार्मिक आंदोलन और संगठन नए वैश्विक प्रणाली मे अहले बैत (अ) के स्कूल के दिफाअ मे सबसे आगे है
हौज़ा / बू शहर के इमाम जुमा ने कहाः धार्मिक आंदोलन और संगठन नए वैश्विक प्रणाली मे अहले बैत (अ) के स्कूल के दिफाअ मे सबसे आगे है
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उलेमा और मराजा ए इकरामअफ़वाहों के दौर में ज़िम्मेदाराना ग़ुफ्तगू ;हज़रत रसूल अल्लाह (स) कि अहम नसीहत
हौज़ा / हौज़ा ए इल्मिया क़ुम के कार्यवाहक प्रबंधक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मल्की ने कहा है कि वर्तमान दौर में, जब सोशल मीडिया अफ़वाहों का बड़ा स्रोत बन चुका है, पैग़म्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु…
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उलेमा और मराजा ए इकरामदुश्मन ने फौजी और राजनीतिक मोर्चों पर नाकामी के बाद अपनी पूरी ताकत सांस्कृतिक युद्ध पर लगा दी हैः आयतुल्लाह रजबी
हौज़ा / शहर बीरजंद में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आयतुल्लाह महमूद रजबी ने कहा कि हक़ और बातिल का टकराव इंसान की पैदाइश के आगाज़ से ही शुरू हो गया था और क़यामत तक जारी रहेगा।
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धार्मिकमोमिन का हक़ ग़स्ब करने का अंजाम
हौज़ा/ इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने एक रिवायत में क़यामत के दिन दूसरों, ख़ासकर मोमिनों, के हक़ूक़ ग़स्ब करने के अंजाम का वर्णन किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकक़यामत के दिन सबसे भारी अमल
हौज़ा/ पैग़म्बर मुहम्मद (स) ने एक रिवायत में अच्छे चरित्र के महत्व पर प्रकाश डाला है।
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दिन की हदीस:
धार्मिकपूरी उम्मत के लिए शिफाअत
हौज़ा / हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व. ने एक रिवायत में पूरी उम्मत के लिए शिफाअत कि दुआ की हैं।
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धार्मिकक़यामत के दिन इमाम हुसैन (अ) के साथ रहने का सबसे बढ़िया तरीक़ा
हौज़ा/ इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में हज़रत सय्यद अल-शोहदा (अ) को पानी पीते हुए याद करने और उनके दुश्मनों पर लानत करने का सवाब बयान किया है।
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दिन की हदीसः
धार्मिकक़यामत के दिन के लिए निवेश
हौज़ा/ इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने एक रिवायत में मोमिन की ख़िदमत के महत्व को इंगित किया है।
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आयतुल्लाह जवादी आमोलीः
उलेमा और मराजा ए इकरामक़यामत अभी मौजूद है; कोई भविष्य का वादा नहीं
हौज़ा /जहन्नम और जन्नत एक तरह की जांच-पड़ताल हैं। अगर जांच हो गई तो कोई यह नहीं कह सकता कि मैंने चुपके से मंजूरी दी; किसी से मत कहना या अब तुम हमारे दोस्त हो तो टैक्स कम कर दो! कोई बहुत भोला…
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दिन की हदीसः
धार्मिकक़यामत के दिन के लिए सरमाया
हौज़ा / इमाम रज़ा (अ) ने एक रिवायत में दूसरों की मदद करने के उखरवी सवाब की ओर इशारा किया है।