शुक्रवार 9 जनवरी 2026 - 17:20
धार्मिक आंदोलन और संगठन नए वैश्विक प्रणाली मे अहले बैत (अ) के स्कूल के दिफाअ मे सबसे आगे है

हौज़ा / बू शहर के इमाम जुमा ने कहाः धार्मिक आंदोलन और संगठन नए वैश्विक प्रणाली मे अहले बैत (अ) के स्कूल के दिफाअ मे सबसे आगे है

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बू शहर मे सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन गुलाम अली सफ़ाई बूशहरी ने जाकेरीन और मद्दाहो की नेशनल एसोसीऐशन के नए बोर्ड के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित प्रोग्राम मे संबोधन के दौरान कहाः धार्मिक आंदोलन और संगठन नए वैश्विक प्रणाली मे अहले बैत (अ) का धड़कता दिल है।

उन्होने आगे कहाः यह संगठन दुनिया के वर्तमान और भविष्य के हालात मे खालिस इस्लाम के इल्मी और इंतेज़ामी दिफ़ाअ मे सबसे आगे है।

बूशहर मे सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने इस्लाम मे मरसिया सराई के एतिहासिक क्षण की ओर इशारा करते हुए कहाः इस्लामी इतिहास मे सोगवारी की पहली मजलिस पैग़म्बर (स) के परिवार विशेष रूप से हज़रत फ़ातिमा (स) ने की फ़िर यही मजलिस (शोभ सभा)  मासूमीन (अ) विशेष रूप से इमाम बाक़िर और इमाम रज़ा (अ) के दौर मे व्यवस्थित रूप से और उद्देश्यपूर्ण रूप से अंजाम दी गई।

उन्होने आगे कहाः ईरान मे इस्लामी क्रांति की विजय के बाद अहले बैत (अ) की मदह और मरसिया सराई अपने चरम पर पहुंच गई है और यह आज ईरान की भूगौलिक सीमाओ को लांघकर एक वैश्विक रूझहान बन चुकी है। 

हुज्जतुल इस्लाम गुलाम अली सफ़ाई बूशहरी ने कहाः क़यामत के दिन इंसान को अपनी हक़ीक़ी और अंदरूनी शखसियत के साथ महशूर किया जाएगा और जो चीज इंसान की शख्सियत को बुलंद मरतबा बनाती है वह उसका प्रेम है अतः खुश क़िस्मत है वह लोग जिनका वजूद हज़रत अबा अब्दिल्लाहिल हुसैन (अ) के प्रेम से भरा है क्योकि वह उस दिन हक़ीक़त हुसैनी (अ) से मिल जाएगा।

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