गलियाँ रो रही थीं, बाज़ार रो रहे थे, औरतें सीना पीट रही थीं, पुरुष सिर झुकाए खड़े थे, बच्चे सिसक रहे थे। लेकिन इतिहास का सबसे बड़ा सवाल यह था कि जब हुसैन (अ) ज़िंदा थे तो तुम कहाँ थे?
हौज़ा / गुजरात हाईकोर्ट ने मुस्लिम वक्फ़ संस्थाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण याचिका में लगभग 150 याचिकाएँ खारिज कर दीं। इन याचिकाओं में वक्फ़ ट्रस्टों ने कोर्ट फीस की अदायगी से छूट की मांग की थी।…
हौज़ा / शिया समाज की वक्फ़ संपत्तियाँ हमारी धार्मिक पहचान, सामाजिक सेवा और अहलेबैत अलैहिस्सलाम से वफ़ादारी की जीवित मिसाल हैं। इमामबाड़े, कर्बला, क़ब्रिस्तान, मदरसों और मजलिसी मराक़िज़ के रूप…
हौज़ा / जमीयत उलमा ए हिंद की मजलिस-ए-आमिला,कार्यकारी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक नई दिल्ली के मदनी हॉल में अध्यक्ष मौलाना महमूद असअद मदनी की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें देश भर से आए प्रतिनिधियों…
हौज़ा / दक्षिण भारत शिया उलेमा परिषद के अध्यक्ष मौलाना सैयद तक़ी रज़ा आबिदी ने प्रसिद्ध धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद नक़वी पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति…