हज़रत अली अलैहिस्सलाम (8)
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धार्मिकग़दीर की शिक्षाएँ हर समय के इंसान के लिए हैं
हौज़ा / इमाम ख़ुमैनी र.ह. ने फरमाया,इस ईद को ज़िंदा रखना इस लिए नहीं है कि चिराग़ानी की जाए, क़सीदे पढ़े जाएं, महफ़िलें की जाएं, यह चीज़ें अच्छी हैं लेकिन असली बात यह हैं कि हम सब उनके नक़्शे…
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ईराननहजुल बलाग़ा पर एतराज़ात का जवाब; सैयद रज़ी महान फ़क़ीह और मुफस्सिर थेः रज़ा उस्तादी
हौज़ा / जामेअ-ए-मुदर्रिसीन हौज़ा ए इल्मिया क़ुम के सदस्य आयतुल्लाह रज़ा उस्तादी ने नहजुल बलाग़ा की एतेबारियत के ख़िलाफ़ उठाए गए शुब्हात को तारीखी शवाहिद की रौशनी में मुस्तरद करते हुए कहा कि इस…
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धार्मिकदूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करने का इस्लाम में हुक्म
हौज़ा / इंसान के जीवन में दूसरों के साथ लेन देन बहुत महत्वपूर्ण विषय है। इंसान के सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने में सामाजिक संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं। इंसान एक सामाजिक प्राणी है और सामाजिक होने…
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धार्मिकऐसा न्याय जिसे बयान करने के लिए लफ़्ज़ नहीं
हौज़ा / हज़रत अली अलैहिस्सलाम के न्याय को तो इन्सान बयान ही नहीं कर सकता। मैं अब हज़रत अली अलैहिस्सलाम के एक जुमले का ज़िक्र कर रहा हूं, वे कहते हैं कि “अगर मुझे कड़ी से कड़ी यातना दी जाए, या…
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ईरानआज ईरान सहित पूरी दुनिया में हज़रत अली (अ) के शुभ जन्म दिवस के मौक़े पर जश्न का माहौल
हौज़ा / हजरत इमाम अली अ.स. की विलादत के मौके पर ईरान के विभिन्न शहरों में बड़ी उत्साह के साथ खुशी मनाई जा रही है।
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धार्मिकक्या बेचैनी भी गुनाहों का कफ़्फ़ारा बन सकती है?
हौज़ा / जीवन में आने वाली मुसीबतें सिर्फ़ कड़वी घटनाएँ नहीं होतीं, बल्कि रिवायतों के मुताबिक़ कई बार ये गुनाहों के लिए एक छुपा हुआ इलाज साबित होती हैं। अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम फ़रमाते…
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दिन की हदीस:
धार्मिकहज़रत अमीरुल मोमिनीन अलैहिस्सलाम की नज़र में इसराफ की निंदा
हौज़ा / हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में इसराफ (फज़ूल खर्ची) की निंदा की है।
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धार्मिकहज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व.कि वफात से पहले की कुछ अहम पहलू
हौज़ा / हज़रत पैग़म्बर ए अकरम (स.ल.व.व.) की ज़िंदगी के अख़लाक़ी पहलू और आप की सीरत के अनेक पहलू के बारे में बहुत कुछ लिखा और पढ़ा जा चुका है, लेकिन आपकी ज़िंदगी का वह पहलू जिसके बारे में बहुत…