शनिवार 29 नवंबर 2025 - 19:01
फ़दक;ग़दीर की तरह एक वाज़ेह और आशकार ह़क था: हुज्जतुल इस्लाम हयात अब्बास नजफी

हौज़ा / हज़रत इमाम ज़ैनुल आबिदीन इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन ऑफ कुरान व अहले बैत अ.स. मिहराबपुर के तहत अय्याम ए फातिमीह के दिनों के संदर्भ में पांच मजालिस का आयोजन किया गया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हज़रत इमाम ज़ैनुल आबिदीन इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन ऑफ कुरान व अहले बैत अ.स. मिहराबपुर के तहत अय्याम ए फातिमीह के दिनों के संदर्भ में पांच मजालिस का आयोजन किया गया इन मातमी सभाओं में मुख्य खतीब हुज्जतुल इस्लाम मौलाना हयात अब्बास नजफी है।

उन्होंने हज़रत सैय्यदा फातिमा ज़हेरा (स.अ.) की महानता, मकामे इस्मत, चरित्र और उम्मत के लिए संदेश को बहुत तर्कसंगत तरीके से व्यक्त किया।

हुज्जतुल इस्लाम मौलाना हयात अब्बास नजफी ने कहा कि हर इंसान की नेकी अल्लाह के यहां सुरक्षित है, लेकिन जो नेकी सैय्यदा फातिमा ज़हरा (स.अ.) की मोहब्बत में की जाए, उसका अज्र कई गुना बढ़ा दिया जाता है, यहां तक कि दो मोमिनीन के बीच सुलह कराने वाला शख्स शबे कद्र की इबादत का सवाब पाता है।

उन्होंने सैय्यदा ज़हरा स.अ.के मकामे रज़ा के बारे में रसूल ख़ुदा (स.अ.व.) का फरमान ज़िक्र किया: जिससे ज़हरा (स.अ.) राज़ी हों, उससे मैं राज़ी हूं और अल्लाह भी राज़ी है। जिससे ज़हरा (स.अ.) नाराज़ हों, उससे मैं नाराज़ हूं और अल्लाह भी नाराज़ है।

उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह ग़दीर ए ख़ुम के मकाम पर रसूल-ए-अकरम (स.अ.व.) ने हज़रत अली (अ.स.) की विलायत का एलान किया, उसी तरह मस्जिदे नबवी में सभी सहाबा कराम को जमा करके सैय्यदा फातिमा ज़हरा (स.अ.) को फ़दक अता फरमाने का एलान भी किया और यह रसूल-ए-ख़ुदा (स.अ.व.) की सुन्नत और सच बोलने का सिलसिला था।

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