हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , दसवें फ़ुनूने आसमानी फ़ेस्टिवल के सचिव हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन रफ़ीई ने समापन समारोह के अवसर पर कहा कि हम इस समय दसवें फ़ुनूने आसमानी फ़ेस्टिवल के समापन कार्यक्रम में मौजूद हैं और अल्लाह का शुक्र है कि इस आयोजन में छात्र, उलेमा, शिक्षक और हौज़ा-ए-इल्मिया की सहायक परिषद के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और सहयोग किया।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में कला एक बुनियादी और रणनीतिक विषय बन चुकी है। कला और हुनर के ज़रिये धर्म का संदेश दुनिया तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है। अगर आज के समय में धर्म का संदेश वैश्विक स्तर तक पहुँचाना है, तो यह कला की भाषा के बिना संभव नहीं है।
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन रफ़ीई ने मौजूदा दौर की सांस्कृतिक टकराव की स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज हम एक सांस्कृतिक युद्ध में हैं। इस युद्ध में दुश्मन और पश्चिमी ताक़तों ने बड़े मीडिया नेटवर्क खड़े कर रखे हैं और मीडिया व कला के ज़रिये लोगों पर असर डालने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस समय लगभग 290 फ़ारसी भाषा के सैटेलाइट चैनल हमारे देश के ख़िलाफ़ सक्रिय हैं, जिनका मक़सद समाज में निराशा फैलाना है। ऐसे हालात में अगर धर्म का संदेश सही और प्रभावी तरीक़े से लोगों तक पहुँचाना है, तो कला और हुनर की भाषा को अपनाना बेहद ज़रूरी है।
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