हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , नए साल के आग़ाज़ पर तुर्किये में फ़िलिस्तीन और ग़ज़्ज़ा के अवाम से यकजहती दिखाने के लिए एक अज़ीम अवामी मार्च निकाला गया, जिसे तुर्किये के बड़े फ़ुटबॉल क्लबों और मशहूर फ़ुटबॉलरों की खुली हिमायत मिली। यह मार्च इस्तांबुल में फ़िलिस्तीन में जारी ज़ुल्म, क़त्ल-ए-आम और नस्लकुशी के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद करने के लिए था।
क्लब के सदर दुरसुन ओज़बेक ने ग़ज़्ज़ा में होने वाले वाक़िआत को “इंसानियत के ज़मीर का इम्तिहान” क़रार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो पैग़ाम में कहा,हम इस ख़ामोशी के आदी नहीं होंगे। पहली जनवरी की सुबह हम गालतापुल पर होंगे, ताकि मज़लूमों की आवाज़ बन सकें।
इसी तरह त्राबज़ोनस्पोर क्लब के नुमाइंदे एरतुग़रुल दोगान ने भी इस मार्च में शिरकत की अपील की और कहा,यह इज्तिमा सिर्फ़ एक रैली नहीं, बल्कि एक बाअज़्म और बाउसूल मौक़िफ़ की निशानी है।उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम का एहतेमाम नेशनल विल प्लेटफ़ॉर्म की जानिब से किया गया है।
बेशिकताश क्लब से ताल्लुक़ रखने वाले सरदार अदली ने भी एक वीडियो पैग़ाम में कहा,फ़िलिस्तीन में ख़ूनरेज़ी अब तक नहीं रुकी है। हमें ग़ज़्ज़ा में तशद्दुद और नस्लकुशी के ख़िलाफ़ मुत्तहिद होना होगा।
तुर्किये की सुपर लीग के दूसरे क्लबों, जिनमें फ़ेनरबाहचे, बाशाकशेहिर, कोन्या स्पोर, कायसेरी स्पोर और ग़ाज़ी अनतेप एफके शामिल हैं, ने भी सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इस एहतेजाजी मार्च की हिमायत का ऐलान किया।
तुर्किये में होने वाला यह ज़बरदस्त मुज़ाहिरा इस बात का वाज़ेह सबूत है कि फ़िलिस्तीन का मसला आज भी उम्मत-ए-मुस्लिमा और आज़ाद ज़मीर रखने वाले इंसानों के लिए एक ज़िंदा और फ़ैसला-कुन मसला बना हुआ है।
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