बुधवार 7 जनवरी 2026 - 07:41
हसद करने वाले की ज़िंदगी लज़्ज़त से वंचित

हौज़ा / हज़रत अली (अ) ने एक हदीस में इंसान की ज़िंदगी में हसद के सबसे बुरे असर के बारे में बताया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह रिवायत "बिहार उल-अनवार" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस तरह है:

قال امیرالمؤمنین علیہ السلام:

أَقَلُّ النَّاسِ لَذَّةً الْحَسُودُ

हज़रत अली (अ) ने फ़रमाया:

हसद वाला इंसान वह है जिसे ज़िंदगी में सबसे कम मज़ा आता है।

बिहार उल अनवार, भाग  77, पेज 112

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