हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत बिहार उल अनवार किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام صادق علیهالسلام:
اِذَا اتَّهَمَ الْمُؤْمِنُ أَخَاهُ انْمَاثَ الْإِیمَانُ فِی قَلْبِهِ کَمَا یَنْمَاثُ الْمِلْحُ فِی الْمَاءِ
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने फ़रमाया:
जब कोई मोमिन अपने (दीनी) भाई पर तोहमत लगाता है, तो उसका ईमान उसके दिल में इस तरह पिघल जाता है, जिस तरह पानी में नमक घुल जाता है।
बिहार उल अनवार, भाग 75, पेज 198
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