हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, क़ुम अल मुक़द्देसा की क्रांतिकारी जनता बीती रात कफ़न पहन कर विरोध प्रदर्शन म शरीक हुई ताकि ट्रम्प और नेतनयाहू जैसे जिनायतकार और उनके किरए के टट्टूओ को संदेश दे सके कि जब तब हमारे शरीर मे प्राण बाकी है इस्लामी क्रांति की रक्षा और शहीदो के खून की हिफ़ाज़त करेंगे।
हज़रत मासूमा (स) के शहर मे बीती रात 11 जनवरी 2026 की शाम को ईरान मे आंतवादी कार्रवाईयो और दंगाईयो के खिलाफ़ नीरूगाह नामक मोहल्ले मे इमाम ज़ादा मासूम के मज़ार पर एकत्रित हुए और ईरान मे जारी दुशमनो की आतंकवादी कार्रवाईयो की भरपूर निंदा की और अपराधीयो को कीफर किरदार तक पहुचाने की मांग की।
इस इज्तेमाअ मे लोगो ने सुप्रीम लीडर से अपनी वफ़ादारी को दोहराया और लब्बैक या ख़ामेनई, हयहात मिन्नज़ ज़िल्ला, हुसैन हुसैन शेआरे मा अस्त, शहादत इफ़्तेख़ारे मा अस्त, दंगाईयो पर लानत, देशद्रोही पर लानत, मुनाफ़िक़ पर लानत, अमेरिका मुर्दाबाद, इजराइल मुर्दाबाद, विलायते फ़कीह के मुखालेफ़ीन पर लानत जैसे नारे लगाए और इस आतंकवादीयो और दंगाईयो से अपनी बेजारी व्यक्त की।
यह विरोधी जूलूस विभिन्न मार्ग से होता हुआ हज़रत मासूमा (स) के मज़ार तक पहुंचा जहा लोगो ने कफ़न पहने हुए इंकेलाब और इमाम ख़ुमैनी से अपनी वफ़ादारी की व्यक्त की। और इन सभी लोगो से आईएसआईएस सिफ़त लोगो से बेजारी व्यक्त की जिन्होने बीते दिनो ईरान मे जनता के माल को आग लगाई और पुलिस कर्मीयो को शहीद किया।
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