हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ग़ेरर उल हिकम किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امیرالمؤمنین امام علی علیه السلام :
اَلسَّیِّئُ الْخُلُقِ کَثیرُ الطَّیْشِ مُنَغَّصُ الْعَیْشِ؛
अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने फ़रमायाः
बद अख़लाक़ इंसान अत्यधिक ग़लती करता है और उसका जीवन तल्ख़ होता है।
ग़ेरर उल हिकम, हदीस 1604
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