हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत “बिहार अल-अनवार” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस तरह है:
قال رسول اللہ صلی اللہ علیہ وآلہ:
مَن أدرَكَ شَهرَ رَمَضانَ فَلَم يُغفَرْ لَهُ فَأبعَدَهُ اللّهُ
पैगम्बर (स) ने फ़रमाया:
जो कोई रमज़ान का महीना पूरा करता है लेकिन उसे माफ़ नहीं किया जाता, अल्लाह उसे दूर रखेगा।
बिहार अल-अनवार,बाग 74, पेज 74, हदीस 62
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