गुरुवार 21 मई 2026 - 06:30
पेट की सुरक्षा, अक़्ल की बर्बादी

इमाम हसन मुज्तबा (अ) ने एक रिवायत मे पेट की सुरक्षा और अक़्ल की बर्बादी की ओर इशारा किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत बिहार उल अनवार किताब से ली गई हैः इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

امام حسن مجتبی علیه‌السلام:
عَجِبْتُ لِمَنْ یَتَفَکَّرُ فی مَأْکُولِهِ کَیْفَ لا یَتَفَکَّرُ فی مَعْقُولِهِ، فَیُجَنِّبُ بَطْنَهُ ما یُؤْذیهِ، وَ یُودِعُ صَدْرَهُ ما یُرْدِیهِ

इमाम हसन मुज्तबा (अ) ने फरमाया:

मुझे उस व्यक्ति पर ताज्जुब होता है जो अपने खाने के बारे में तो गहराई से सोचता और विचार करता है, लेकिन अपनी अक्ल और दिमाग की जरूरतों पर गौर नहीं करता। वह अपने पेट को उस चीज़ से बचाता है जो उसे तकलीफ पहुँचाए अर्थात हानिकारक चीज़ें नहीं खाता, लेकिन अपने सीने,दिल और दिमाग को ऐसी चीज़ों से भर देता है जो उसे बर्बाद कर दें अर्थात गलत विचारों और बुरे ज्ञान से अपने दिमाग को भर लेता है।

बिहार उल अनवार, भाग 1, पृष्ठ 218

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