हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत बिहार उल अनवार किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
قال الامام الحسن علیه السلام:
«مَنْ عَدَّدَ نِعَمَهُ، مَحَقَ كَرَمَهُ.»
हज़रत इमाम हसन मुज्तबा अलैहिस सलाम ने फ़रमायाः
जिस किसी ने अपने एहसान और नेमतो को बड़ा शुमार किया (नेमतो पर इतराया) उसने अपने करम और सख़ावत को तबाह कर दिया।
बिहार उल अनवार, भाग 74, पेज 417
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