रविवार 15 मार्च 2026 - 03:59
ऑल इंडिया शिया काउंसिल के तत्वाधान एवान ए ग़ालिब मे अंतर्राष्ट्रीय क़ुद्स दिवस कांफ़्रेंस का आयोजन

भारत मे वली फ़कीह के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि स्थिति गंभीर है दुनिया करवट बदल रही है, समय के फ़िरऔन का समुद्र मे डूबने का समय निकट आ रहा है।

 हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया शिया काउंसिल के तत्वाधान हर साल की तरह इस साल भी रमज़ान के अंतिम शुक्रवार को एवान ए ग़ालिब माता सिंदरी रोड़ पर अंतर्राष्ट्रीय क़ुद्स दिवस कांफ़्रेंस का आयोजन किया गया, कांफ़्रेंस की अध्यक्षता शिया जामा मस्जिद कश्मीरी गेट के इमाम जुमा मौलाना सय्यद मोहसिन तक़वी ने की। ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल हकीम इलाही और ईरानी राजदूत डॉ मुहम्मद फ़तह अली कांफ़्रेंस मे विशेष रूप से भाग लिया। इस अवसर पर पदम श्री प्रोफेसर अखतरुल वासेअ ने कहा कि मै ईरान की बहादुर जनता को उनकी क़ुर्बानीयो के लिए संवेदना व्यक्त करता हूँ। उन्होने कहा कि वह शक्तिया जो यह समझती थी कि ईरान के सर्वोच्च नेता को शहीद करने के बाद वहा तुरंत परिवर्तन हो जाएगा, उन्हे विफ़लता हाथ लगी।

آل انڈیا شیعہ کونسل کے زیر اہتمام ایوان غالب میں عالمی یوم قدس کانفرنس کا اہتمام

कांफ्रेंस मे डॉ सलीम रहमानी ने कहा कि आयतुल्लाह खामेनई उस महान नेता का नाम है जिसने ईरानी जनता और इस्लामी उम्मत को परी दुनिया मे नई दिशा, शक्ति और साहस दिया कि हम एक अत्याचारी के सामने खड़े होकर कलमा ए हक़ कह सकते है जीवित रह सकते है और यह शक्ति सबमे मौजूद है कि अगर ईमान के साथ खड़े हो तो अत्याचारी चाहे कितना ही शक्तिशाली हो उसका पंचा मरोड़ने की शक्ति पर ईमान वाले मे है। उन्होने कहा कि फ़िलिस्तीन दुनिया का केंद्र बिंदु है, पूरी दुनिया मे जो समस्याए है वह इजरायल के फ़िलिस्तीन मे अत्याचारो की वजह से है इस वैश्विक बिंदु को अगर किसी ने समझा और दुनिया को बताया तो वह इस्लामी क्रांति ने बताया।

डॉ क़ासिम रसूल इल्यास ने कहा कि आयतुल्लाह ख़ामेनई की शहादत ने ईरानी जनता के अंदर एक जज़्बा पैदा कर दिया है, अमेरिका और इजरायल गलत इरादे लेकर आए थे कि सुप्रीम लीडर को शहीद कर देंगे और फ़िर ईरान पर हमारा कब्ज़ा हो जाएगा लेकिन आज वह अपना मुहं छिपा रहे है। आज ख़ामेनई की शहादत ने पूरी क़ौम को झंझोड दिया है और अंदर से जागरुक कर दिया है, ईरान ने इसी ताक़त और कुव्वत के साथ वह जवाब दिया है कि अमेरिका और इजरायल किसी तरह से इस युद्द से बाहर निकलना चाहते है।

कांफ़्रेंस मे जमात ए इस्लामी हिंद के उप प्रमुख इंजीनीयर मुहम्मद सलीम ने कहा कि ईरानी जनता के हौसले और जज़्बे को सलाम है कि जिन्होने मैदान मे जमकर अमेरिका का सामना किया और दुनिया को बता दिया कि बंकरो मे रहने वाले और है और मैदान मे जमकर फ़तह हासिल करने वाले और है।

भारत मे वली फ़कीह के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद इलाही ने कहा कि स्थिति गंभीर है दुनिया करवट बदल रही है, समय के फ़िरऔन का समुद्र मे डूबने का समय करीब आ रहा है।

ईनानी राजदूत डॉ मुहम्मद फ़तह अली ने कहा कि अल्लाह हमारी इबादतो को स्वीकार करे। रमज़ान रहम दिली और इस्लामी इकदार को बढ़ावा देने का महीना है। यह वह महीना है जो ध्यान दिलाता है कि मज़लूमो के तई हमारी क्या ज़िम्मेदारी है, उन्होने कहा कि क़ुद्स दिवस इमाम ख़ुमैनी के राजनीतिक यादगार है, जो बुनयादी उंसुर मे तबदील हो सकता है।

آل انڈیا شیعہ کونسل کے زیر اہتمام ایوان غالب میں عالمی یوم قدس کانفرنس کا اہتمام

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