हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,8 शव्वाल 1448 हिजरी चेन्नई तमिलनाडु के इमाम ए जुमआ मौलाना मोहम्मद मेराज रन्नवी ने खुतबा ए जुमा में मोमिनीन से खिताब करते हुए इस गम की तारीखी महत्व और इसकी ताज़ीम पर ज़ोर देते हुए कहा कि इस ग़मनाक तारीख जिस में मदीने के सब से पुराने कब्रिस्तान को १९२५ ईसवी को आले सऊद ने अल्लाह, रसूल स.ल.व.से अपनी दुशमनी की बुनियाद पर इस में बनी हुई कब्रों जिस में रसुल की इकलौती बेटी हज़रत फातिमा ज़हरा और उन के बड़े बेटे यानी रसूल के बड़े नवासे हज़रत इमाम ए हसन अलैहिस्सलाम के साथ साथ चौथे इमाम यानी इमाम ए हुसैन अलैहिस्सलाम के बेटे इमाम ए ज़ैनुल आबिदीन अलैहिस्सल उन के बेटे इमाम ए मोहम्मद बाक़िर अलैहिस्सलाम और उन के बेटे इमाम ए जाफर ए सादिक अलाईहस्सलाम की कब्रों को ढा दिया गया।
इन मासूमों के अलावा हज़रत ए अली अलैहिस्सलाम की मां हज़रते फातिमा बिन्ते असद हज़रत ए अब्बास की मां हज़रत ए उम्मुल बनींन खुद रसूल अल्लाह के बेटे हज़रत ए इब्राहीम, उम्मे एयमन हज़रत अबुलतालिब अलैहिस्सलाम के बेटे हज़रत ए अकील हज़रत ए अली अलैहिस्सलाम की बेटी हज़रत ए उम्मे कुलसुम और रसूल अल्लाह के चाचा और रसूल की बीवियों इन सभी की कब्रों को वहाबियों ने बुलडोजर से तबाह कर दिया।इस ग़मनाक तारीख में पूरे हिंदुस्तान और दुनिया में शोक की लहर है !
मौलाना मोहम्मद मेराज रन्वी ने ईरान के हालात पर भी अपने खिताब में अमरीका, इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह आले सऊद हमारे इमामों के निशान ना मिटा सके वैसे ही नस्ल ए यहूद इन इमामों के मानने वालों को भी रहती दुनिया तक नहीं मिटा सकते।
अंत में इन्हेदम ए जन्नतुल बक़ी की मजलिस ए अज़ा को खिताब करते हुए आले रसूल और उन की इकलौती बेटी हज़रत ए फातिमा ज़हेरा के उपर होने वाले ज़ुल्म को बयान किया और इमाम ए हुसैन अलैहिस्सलाम की मज़लूमी पर मजलिस ख़त्म हुई और ईरान के हक में दुआएं भी की गईं।
मौलाना मोहम्मद मेराज रन्नवी
इमाम ए जुमआ चेन्नई तमिलनाडु
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