शनिवार 16 मई 2026 - 16:02
शिक्षा का सही मतलब है लोगों को सही दिशा दिखाना

हौज़ा / हौज़ा ए इल्मिया ख़ुरासान के एक उस्ताद ने शिक्षा के महत्व पर ज़ोर देते हुए इसे रूहानियत में प्रवेश की भूमिका बताया और कहा,शिक्षा ख़ुदा-शिनासी और इलाही मआरिफ़ से गहरी आश्नाई का एक रास्ता है। एक तालिब-ए-इल्म इस रास्ते को तय करके समाज को मआरिफ़ और हिदायत की ओर ले जा सकता है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , मशहद में धार्मिक शिक्षा के महत्व पर बात करते हुए हुज्जतुल-इस्लाम मेंहदी बहादुरी ने कहा, जो लोग तालबगी के क्षेत्र में कदम रखते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि तालबगी दरअसल रूहानियत का मुक़द्दमा है।

उन्होंने कहा,अगर कोई रूहानी बनना चाहता है, लोगों को ख़ुदा के दीन की ओर बुलाना चाहता है, उन्हें अल्लाह तआला से परिचित कराना चाहता है और समाज के लिए अहल-ए-बैत (अ.स.) की मआरिफ़ और अहकाम को स्पष्ट करना चाहता है, तो उसके लिए इस मकसद के लिए सबसे बेहतर रास्ता तालबगी का रास्ता है।

हौज़ा-ए-इल्मिया ख़ुरासान के उस्ताद ने कहा, तालबगी में यह विशेषता है कि इस रास्ते में इंसान पहले अपनी पहचान हासिल करता है, उसमें एक प्रकार की आत्म-पहचान बनती है, फिर अल्लाह तआला, उसके पैग़म्बरों और इमामों (अ.स.) के प्रति उसकी मआरिफ़त मज़बूत होती है।

उन्होंने कहा, तालिब-ए-इल्म इस मआरिफ़त के ज़रिए दूसरों को भी इसी रास्ते पर हिदायत कर सकता है और समाज को अल्लाह और अहल-ए-बैत (अ) की शिक्षाओं की बेहतर पहचान की ओर ले जा सकता है।

हुज्जतुल-इस्लाम बहादुरी ने इस रास्ते की कठिनाइयों की ओर इशारा करते हुए कहा,बेशक तालबगी का रास्ता कठिनाइयों से खाली नहीं है, जैसे अल्लाह के पैग़म्बरों को भी लोगों को हिदायत देने के रास्ते में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन इन कठिनाइयों के साथ ही अल्लाह ने आसानियों का भी वादा किया है।

उन्होंने कहा, इसके अलावा, अल्लाह तआला ने इस रास्ते के लिए जो सवाब और इनाम रखा है, वह बहुत बड़ा और मूल्यवान है और किसी और चीज़ से उसकी तुलना नहीं की जा सकती।

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