हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार निम्नलिखित रिवायत "वसाइल उश-शिया" से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام جعفر صادق علیهالسلام:
تَسْبِیحُ فَاطِمَةَ عَلَیْهَا السَّلَامُ فِی کُلِّ یَوْمٍ فِی دُبُرِ کُلِّ صَلَاةٍ أَحَبُّ إِلَیَّ مِنْ صَلَاةِ أَلْفِ رَکْعَةٍ فِی کُلِّ یَوْمٍ.
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने फ़रमाया:
"हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की तस्बीह को हर दिन, प्रत्येक नमाज़ के बाद पढ़ना, मेरे निकट प्रतिदिन एक हज़ार रकअत नमाज़ पढ़ने से भी अधिक प्रिय है।"
वसाइल उश-शिया, भाग 6, पेज 444।
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