शनिवार 7 फ़रवरी 2026 - 07:34
जमात के साथ नमाज़ की फ़ायदे

अल्लाह के रसूल (स) ने एक रिवायत में जमात के साथ नमाज़ की फ़ायदों और ऊँचे दर्जे के बारे में बताया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत “मुस्तदरक उल-वसाइल” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस तरह है:

قال رسول اللہ صلی اللہ علیہ وآلہ:

«صَلاةُ الرَّجُلِ فِي جَمَاعَةٍ خَيْرٌ مِنْ صَلاتِهِ فِي بَيْتِهِ أَرْبَعِينَ سَنَةً.»

अल्लाह के रसूल (स) ने फ़रमाया:

जमात के साथ पढ़ी गई एक नमाज़, उसके घर में अकेले चालीस साल तक पढ़ी गई नमाज़ से बेहतर है।

मुस्तदरक उल वसाइल, वॉल्यूम 6, 

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