बुधवार 1 जुलाई 2026 - 09:03
लखनऊ में मौलवी सय्यद सलमान हुसैनी नदवी को याद करके उनकी शैक्षिक सेवाओं को दी गई श्रद्धांजलि

मदरसा चश्मा-ए-फ़ैज़ मलमल (शाखा दारुल उलूम नदवतुल उलमा, लखनऊ) में प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलवी सय्यद सलमान हुसैनी नदवी की याद में एक सम्मानपूर्ण शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें उलमा, शिक्षक, छात्र और विद्वानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और दिवंगत की शैक्षिक, धार्मिक और दावत (इस्लामी प्रचार) सेवाओं को ज़बरदस्त श्रद्धांजलि पेश की।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मदरसा चश्मा-ए-फ़ैज़ मलमल (शाखा दारुल उलूम नदवतुल उलमा, लखनऊ) में प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलवी सैयद सलमान हुसैनी नदवी रहिमहुल्लाह की याद में एक सम्मानपूर्ण शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें उलमा, शिक्षक, छात्र और विद्वानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और दिवंगत की शैक्षिक, धार्मिक और दावत सेवाओं को ज़बरदस्त श्रद्धांजलि पेश की।

कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन-ए-करीम की तिलावत और नात-ए-रसूल अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि वसल्लम से हुई, जबकि मंच संचालन के दायित्व मौलाना अनबिसात आलम नदवी ने निभाए। वक्ताओं ने अपने संबोधनों में मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी रहिमहुल्लाह को अपने समय का प्रमुख मुहद्दिस, शोधकर्ता, मुफस्सिर और बेबाक आलिम बताया और कहा कि उन्होंने हमेशा उम्मत-ए-मुस्लिमह के सामूहिक मुद्दों, उम्मत की एकता और सत्य बोलने को अपनी वैज्ञानिक और बौद्धिक मेहनत का केंद्र बनाया।

वक्ताओं ने कहा कि मौलाना मरहूम मतभेद होने के बावजूद वैज्ञानिक संवाद, दलील और मतभेद के आदाब के पक्षधर थे और सोशल मीडिया पर व्यक्तियों को आलोचना का निशाना बनाने के बजाय वैज्ञानिक बातचीत को बढ़ावा देने की नसीहत करते थे। उन्होंने छात्रों की शैक्षिक और बौद्धिक तरबियत, शिक्षण-प्रशिक्षण, शोध कार्य और व्यापक अध्ययन वाली उनकी शख्सियत को उनकी प्रमुख पहचान बताया।

इस मौके पर उलमा ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि किसी आलिम की कुछ रायों से असहमति अपनी जगह है, लेकिन उनकी शैक्षिक सेवाओं को स्वीकार करना और उनके लिए दुआ-ए-मग़फिरत करना इस्लामी अख़लाक़ का तकाज़ा है।

कार्यक्रम के अंत में मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी रहिमहुल्लाह के लिए सामूहिक दुआ-ए-मग़फिरत की गई और अल्लाह तआला से उनके दर्जों की बुलंदी, उनके परिजनों के लिए सब्र-ए-जमील और उम्मत-ए-मुस्लिमह को उनके जैसे ईमानदार उलमा का बेहतर विकल्प अता करने की दुआ की गई।

लखनऊ में मौलवी सय्यद सलमान हुसैनी नदवी को याद करके उनकी शैक्षिक सेवाओं को दी गई श्रद्धांजलि

लखनऊ में मौलवी सय्यद सलमान हुसैनी नदवी को याद करके उनकी शैक्षिक सेवाओं को दी गई श्रद्धांजलि

लखनऊ में मौलवी सय्यद सलमान हुसैनी नदवी को याद करके उनकी शैक्षिक सेवाओं को दी गई श्रद्धांजलि

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