हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शिया उलेमा असेंबली हिंद ने प्रसिद्ध सुन्नी मुहद्दिस, शोधकर्ता और चिंतक मौलवी सैयद सलमान हुसैनी नदवी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें मुस्लिम उम्मत की एक निडर, सत्य बोलने वाली और उच्च कोटि की विद्वान शख्सियत बताया। असेंबली ने कहा कि दिवंगत की धार्मिक, शैक्षणिक और दावती सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा।
शिया उलेमा असेंबली हिंद द्वारा जारी शोक संदेश इस प्रकार है—
इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन।
प्रख्यात महान मुहद्दिस, उच्चकोटि के शोधकर्ता, निडर दाई और सत्यनिष्ठ चिंतक मौलाना सय्यद सलमान हुसैनी नदवी रहमतुल्लाह अलैह के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
दिवंगत ने अपनी शैक्षणिक, अध्यापन, शोध और दावती सेवाओं के माध्यम से मुस्लिम उम्मत के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से उन्होंने पैग़म्बर इस्लाम सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि वसल्लम के अहले बैत की महानता, उनकी श्रेष्ठता, उन पर हुए अत्याचार, वाक़िआ-ए-ग़दीर, मुबाहला, इमामत, कर्बला की घटना तथा इस्लामी इतिहास के अनेक महत्वपूर्ण तथ्यों को साहस, ईमानदारी और मजबूत विद्वत्तापूर्ण तर्कों के साथ प्रस्तुत किया। सत्य के इस मार्ग पर उन्हें कड़े विरोध, आलोचना, निराधार आरोपों और फ़तवों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी भी सत्य के प्रकटीकरण में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया।
शिया उलेमा असेंबली हिंद दिवंगत की इन धार्मिक और शैक्षणिक सेवाओं का सम्मान करती है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती है। उनका निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बौद्धिक और शैक्षणिक जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।
असेंबली ने अल्लाह तआला से दुआ की है कि वह दिवंगत की मग़फ़ेरत फरमाए, उनकी नेक सेवाओं को स्वीकार करे, उन्हें पैग़म्बर-ए-अकरम (स) और अहले बैत अतहार (अ) की सेवा का सर्वोत्तम प्रतिफल प्रदान करे, उनके परिजनों, शिष्यों, सहयोगियों और मुरीदों को सब्र-ए-जमील अता करे तथा उनके ज्ञान, साहित्यिक विरासत और मिशन को जीवित रखने की तौफ़ीक़ प्रदान करे।
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