सोमवार 6 जुलाई 2026 - 13:02
इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी दिलों में ईमान की गर्मी और मजबूती का कारण: मौलाना ज़ैग़म रिज़वी

 भारत के मऊ जिले के मबारकपुर स्थित पुरानी बस्ती बखरी मुहल्ले के हुसैनिया इमामबाड़े में वार्षिक “ख़म्सा मजलिस-ए-अज़ा” के तेरहवें दौर की चौथी मजलिस आयोजित हुई, जिसमें मौलाना ज़ैग़म रज़वी ने संबोधन किया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के मऊ जिले के मबारकपुर स्थित पुरानी बस्ती बखरी मुहल्ले के हुसैनिया इमामबाड़े में वार्षिक “ख़म्सा मजलिस-ए-अज़ा” के तेरहवें दौर की चौथी मजलिस आयोजित हुई, जिसमें मौलाना सैयद ज़ैग़म रिज़वी ने संबोधन दिया।

इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी दिलों में ईमान की गर्मी और मजबूती का कारण: मौलाना ज़ैग़म रिज़वी

उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी दिलों में ईमान की गर्मी और शक्ति का कारण है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से पिछले लगभग 1400 वर्षों से विभिन्न समयों में कठोर से कठोर प्रतिबंधों और कठिनाइयों के बावजूद इमाम हुसैन की अज़ादारी दुनिया भर में सम्मान और श्रद्धा के साथ जारी है और दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी दिलों में ईमान की गर्मी और मजबूती का कारण: मौलाना ज़ैग़म रिज़वी

मौलाना ने कहा कि अज़ा-ए-हुसैन का प्रभाव यह है कि मुस्लिम समुदाय के दिलों में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष की भावना, शहादत की इच्छा, अहले बैत से प्रेम, सत्य पर डटे रहने की भावना और धैर्य व प्रतिरोध की शक्ति पैदा होती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में यदि शहादत के जुनून को देखना हो तो ईरानी जनता को देखा जा सकता है, जो कर्बला और आशूरा की शिक्षाओं से प्रभावित होकर अत्यंत साहसी और मजबूत बन चुकी है और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि अज़ा-ए-हुसैन की विरोध करने वाले लोग वे होते हैं जिनके दिलों में ईर्ष्या, द्वेष और नफरत भरी होती है।

इमाम हुसैन (अ) की अज़ादारी दिलों में ईमान की गर्मी और मजबूती का कारण: मौलाना ज़ैग़म रिज़वी

अंत में मौलाना ने अहले-हरम की कैद और कष्टों का उल्लेख किया, जिसे सुनकर उपस्थित लोगों की आँखें नम हो गईं।

इस अवसर पर मौलाना इब्न-ए-हसन अमलवी, मौलाना नसीरुल महदी क़ुमी, मौलाना हसन मोहम्मद बख़रवी (लैबनान निवासी), मास्टर मुश्ताक़ खान, मास्टर फ़रज़ंद अली खान, डॉक्टर सलमान अख्तर, डॉक्टर मंज़र हसन, अब्बास अहमद ग़दीरी, मोहम्मद क़ासिम जवाद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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