हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , मर्कज़ ए मुदीरियते हौज़ा हाए इल्मिया ईरान ने अपने एक बाक़ायदा पैग़ाम में मिल्लते ईरान की हालिया दिनों में मैदानों, सड़कों और क़ौमी मोर्चे पर भरपूर मौजूदगी को ख़िराजे तहसीन पेश करते हुए कहा कि ईरानी क़ौम ने जहानी मुस्तकबिरी साज़िशों के मुक़ाबले में जो बेदारी, इस्तिक़ामत और हमासी किरदार दिखाया है, उसने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है।
बयान में कहा गया कि मिल्लते ईरान ने अपने शहीद रहबर की तालीमात पर अमल करते हुए इज़्ज़त, आज़ादी, दीनी ग़ैरत और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ मुज़ाहिमत का एक तारीख़ी नमूना पेश किया है।
अगरचे क़ौम अब तक अपने महबूब रहबर के जसदे ख़ाकी की तश्यीअ और मुकम्मल सोगवारी का हक़ अदा नहीं कर सकी, लेकिन इसके बावजूद अवाम, मुसल्लह अफ़वाज और मेहवरे मुक़ाविमत के मुजाहिदीन के शाने बशाने अमरीका व सह्योनियत के ख़िलाफ़ डटे हुए हैं।
मर्कज़े मुदीरियत ने इस्लामी जम्हूरी ईरान की मुसल्लह अफ़वाज की क़ुरबानियों और ख़िदमात को भी सराहा और मुल्क भर के अवाम, मज़हबी अंजुमनों, मसाजिद, मजालिस और दीनी मराकिज़ से अपील की कि वह शहीद रहबर के चेहल्लुम की मुनासिबत से अज़ाई व हमासी प्रोग्रामों के इन्इक़ाद में भरपूर किरदार अदा करें।
बयान में कहा गया कि हौज़ात ए इल्मिया, असातिज़ा, तुल्लाब और दीनी शख़्सियतें भी अवाम के साथ इन तक़रीबात में शरीक होंगी, ख़ुसूसन क़ुम अल मुक़द्दसा में बुध की शब, जुमेरात की सुबह हरम ए करीमा ए अहले बैत हज़रत मासूमा सलामुल्लाह अलैहा और 21 शव्वाल बरोज़ जुमेह सुबह 11 बजे मुसल्ला क़ुद्स क़ुम में मनाए जाने वाले मरकज़ी प्रोग्रामों में ख़ुसूसी शिरकत की जाएगी।
मर्कज़े मुदीरियत हौज़ात ए इल्मिया ने आख़िर में इस यक़ीन का इज़हार किया कि नुसरत व फतह सिर्फ अल्लाह तआला की जानिब से है और मिल्लत ए ईरान इसी रूह ए इस्तिक़ामत के साथ अपना सफर जारी रखेगी।
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